प्रशासक बदनौर ने कहा कि कोरोना को रोकने के लिए एक बार फिर नए तरीके से सभी को मिलकर काम करना होगा। मास्क पहनना और कोविड के दिशानिर्देशों का पालन करना कितना जरूरी है, यह लोगों को एक बार फिर बताने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर रात्रि कर्फ्यू को कोरोना कर्फ्यू कहा जाएगा।
देश के विभिन्न राज्यों की तरह चंडीगढ़ में भी 11 से 14 अप्रैल तक ‘टीका उत्सव’ मनाया जाएगा। इस दौरान 45 वर्ष से अधिक सभी उम्र के लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हालांकि टीका लगवाने के बाद भी लोगों को ध्यान रखने की जरूरत है। प्रशासक ने कहा कि प्रधानमंत्री के आग्रह के बाद शहर में कोरोना के नए मरीजों की पहचान और संक्रमितों के इलाज पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
कंटेनमेंट जोन आदि के नियमों का सख्ती से पालन होगा और संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों को आइसोलेट करने पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है और यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।