हरियाणा के आदमपुर उपचुनाव में 22 में से 7 उम्मीदवारों को 100 से भी कम वोट मिले। पिछले चुनावों की बात करें तो वर्ष 2019 में 649 मतदाताओं ने नोटा के विकल्प का इस्तेमाल किया था। इस बार 237 ने बटन दबाया है। पिछले चुनावों में आठ प्रत्याशियों को नोटा से कम वोट मिले थे जबकि इस बार 11 को। 2014 के चुनाव ने 522 ने नोटा का बटन दबाया था। पहली बार इसी चुनाव में मतदाताओं को नोटा का विकल्प उपलब्ध करवाया गया था।
इन प्रत्याशियों से जीता नोटा
| पार्टी |
उम्मीदवार |
मत |
| पीपीआई (डेमोक्रेटिक) |
दलबीर सिंह |
191 |
| जनता बिग्रेड पार्टी |
नरेश कुमार |
117 |
| आरपीआई(ए) |
नरेश सोढी |
80 |
| एलएसपी |
मनीराम बहलान |
80 |
| निर्दलीय |
अमित |
46 |
| निर्दलीय |
जंगबीर |
49 |
| निर्दलीय |
जयप्रकाश |
107 |
| निर्दलीय |
राजेश |
126 |
| निर्दलीय |
सतेंद्र सिंह |
77 |
| निर्दलीय |
सीताराम |
62 |
| निर्दलीय |
सूरजभान फौजी |
61 |
पोस्टल से डाले गए 222 वोट
पोस्टल से कुल 222 वोट डाले गए। इनमें सबसे ज्यादा 116 वोट भव्य बिश्नोई को ही मिले। कांग्रेस प्रत्याशी जयप्रकाश को 90, इनेलो प्रत्याशी कुरड़ाराम व आप प्रत्याशी सतेंद्र सिंह को 7-7, निर्दलीय प्रत्याशी मनीराम को 1 व नोटा को 1 वोट मिला।
मिलते-जुलते नामों का मिला फायदा
उपचुनाव में कुछ प्रत्याशियों को मिलते जुलते नाम का भी फायदा मिला। कांग्रेस प्रत्याशी जयप्रकाश के अलावा जयप्रकाश नाम के एक निर्दलीय उम्मीदवार भी थे। उन्हें 107 वोट मिले। वहीं आप प्रत्याशी सतेंद्र सिंह के अलावा सतेंद्र सिंह नाम के एक निर्दलीय प्रत्याशी भी थे। उन्हें 77 वोट मिले। भारतीय जनराज पार्टी के प्रत्याशी एडवोकेट अशोक पवार को 421 वोट मिले क्योंकि पार्टी का नाम भारतीय जनता पार्टी के नाम से मिलता-जुलता रहा।