-सरकार के पास पहुंंचा कर्मचारियों का ब्योरा, ग्रुप सी और डी की नई भर्ती निकाल सकती है सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अलग-अलग विभागों, निगमों और बोर्डों में 1.08 लाख पद खाली हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति ग्रुप सी और ग्रुप डी के पदों को लेकर है। अधिक पद इसी श्रेणियों में खाली हैं। वहीं, अनुबंध के आधार पर लगाए गए 1.25 लाख कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। वहीं अब विभागों ने खाली पदों का ब्योरा सरकार को भेज दिया है। राज्य में कुल स्वीकृत 4.50 लाख पदों के मुकाबले लगभग 2.70 लाख नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। विधानसभा चुनावों से पहले सरकार ग्रुप डी और सी के खाली पदों पर भर्ती निकाल सकती है। वहीं, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि साल 1980 में सरकार में 1.25 करोड़ की आबादी के मुकाबले लगभग 4 लाख कर्मचारी थे, जो लगभग 2.9 करोड़ की आबादी के लिए घटकर अब 2.70 लाख रह गए हैं।
कहां कितने कर्मी अनुबंध पर तैनात
इस समय स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, शहरी स्थानीय निकाय, सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में अनुबंध कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। लगभग 1.05 लाख ठेके के कर्मचारियों को कौशल रोजगार निगम में समायोजित किया गया है। इनमें से 15000 स्वास्थ्य विभाग में, 13000 बिजली विभाग में, 8000 शहरी स्थानीय विभाग में, 8000 जनस्वास्थ्य विभाग में, 5000 हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में और 5000 विश्वविद्यालयों में कार्यरत हैं। शिक्षा विभाग के साथ काम करने वाले 5000 संविदा कर्मचारी एचकेआरएनएल के तहत पंजीकृत हैं, वहीं अनुबंध के आधार पर काम करने वाले 14 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक भी शिक्षा विभाग में काम कर रहे हैं। इनके अलावा, विभिन्न विभागों में संविदा के आधार पर 2,000 कर्मचारी या तो एचकेआरएनएल के तहत पंजीकृत हैं या सीधे विभागों के तहत काम कर रहे हैं।
कोट
साल 1980 में सरकार में 1.25 करोड़ की आबादी के मुकाबले लगभग 4 लाख कर्मचारी थे, जो लगभग 2.9 करोड़ की आबादी के लिए घटकर अब 2.70 लाख रह गए हैं। केवल कच्चे कर्मचारियों को लगातार पक्के पदों को खत्म करने की साजिश की जा रही है। सेवानिवृत्ति के बाद पदों को भरने के लिए सरकार का कोई रोडमैप तैयार नहीं है। -सुभाष लांबा, अध्यक्ष, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ