पंजाब का अक्तूबर माह के दौरान कुल जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) राजस्व 1060.76 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी महीने का कुल जीएसटी राजस्व 929.52 करोड़ था। इस प्रकार बीते साल की अपेक्षा 14.12 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
कोविड-19 महामारी के चलते आर्थिक गतिविधियों की धीमी रफ्तार के बाद चालू वित्तीय वर्ष के पहले पांच महीनों में जीएसटी कलेक्शन में भारी गिरावट के बाद पिछले दो महीनों में आर्थिक सुधार के संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। पंजाब के कराधान आयुक्त कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि अप्रैल से अक्तूबर के दौरान पंजाब का कुल जीएसटी राजस्व 5746.48 करोड़ रुपये था, जबकि पिछले साल इन महीनों में कुल जीएसटी राजस्व 7719.86 करोड़ रुपये था। इस तरह 25.56 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सितंबर के महीने में राजस्व 2403 करोड़ रुपये रहा, जिसमें से पंजाब ने 1060 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं, जोकि कुल सुरक्षित राजस्व का करीब 44 प्रतिशत बनता है। इस तरह अक्तूबर के महीने के लिए बकाया मुआवजे की राशि 1343 करोड़ है जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई। इसी तरह अप्रैल से सितंबर के दौरान मुआवजे की रकम 10,843 करोड़ रुपये बनती है जोकि बकाया पड़ी है।
वैट और सीएसटी से मिले 536.33 करोड़
जीएसटी के अलावा पंजाब को वैट और सीएसटी से भी राजस्व प्राप्त होता है। वैट और सीएसटी एकत्रित करने में प्रमुख योगदान करने वाले उत्पाद शराब और पांच पेट्रोलियम उत्पाद हैं। अक्तूबर में वैट और सीएसटी का कलेक्शन 536.33 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल अक्तूबर में यह कलेक्शन 447.17 करोड़ था। इस तरह इस साल पिछले साल के मुकाबले 21.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल से अक्तूबर 2020 के लिए वैट और सीएसटी सकल राजस्व 3037.67 करोड़ रुपये रहा है, जोकि पिछले साल के इसी समय के दौरान कुल राजस्व 3176.64 करोड़ रुपये था, जोकि 3.97 प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है।
220.40 करोड़ की ज्यादा वसूली
जीएसटी, वैट और सीएसटी को अगर एकसाथ पढ़ा जाए तो अक्तूबर के दौरान कर की वसूली 1597.09 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल अक्तूबर के दौरान यही वसूली 1376.69 करोड़ रुपये थी। इस तरह अक्टूबर महीने की वसूली बीते वर्ष की अपेक्षा 220.40 करोड़ रुपये अधिक रही।