बाल विवाह के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार से शिकायतों का ब्यौरा मांगा तो पंजाब के मुकाबले हरियाणा में हालात बदतर निकले। पंजाब में इस वर्ष जहां 17 शिकायतें मिली वहीं हरियाणा में आंकड़ा इससे कहीं अधिक मिला। सरकार बाल विवाह पर लगाम के दावे कर रही है, जबकि इस साल इसकी 104 शिकायतें दर्ज हुई हैं।
जांच के दौरान जिन मामलों में शादी नहीं हुई थी या उम्र शादी के योग्य पाई गई, उसमें एफआईआर दर्ज नहीं की गई। कोर्ट को बताया गया कि बाल-विवाह निषेध अधिनियम को पुलिस ट्रेनिंग में शामिल किया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने बताया कि शहर में बाल विवाह का केवल एक मामला दर्ज हुआ है।