हरियाणा के सभी ब्लॉक में गोबर गैस प्लांट लगाए जाएंगे। जहां गोबर गैस बनेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 'गोबरधन' के नाम से एक विशेष परियोजना तैयार की है। इसके साथ-साथ हरियाणा में स्वच्छता मुहिम को जन-आंदोलन का रूप देते हुए ठोस कचरा प्रबंधन के लिए ग्रामीण स्तर पर बनाए जा रहे शेड के निर्माण में तेजी लाई जाएगी। इससे गांवों में जैविक व अजैविक कचरे का अलग-अलग निपटान किया जा सकेगा।
विधायक एवं स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण की राज्य स्तरीय टास्क फोर्स के अध्यक्ष महीपाल ढांडा ने बताया कि हर जिले के हर एक खंड में गोबरधन प्रोजेक्ट लगाकर गोबर गैस बनाने का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा, रेटरोफिटिंग के तहत भी प्रत्येक गांवों में दो गड्ढ़ों वाला शौचालय बनाया जाएगा। पक्के गड्ढ़ों से निकलने वाली वेस्ट का प्रबंधन फीकल स्लज मैनेजमेंट के तहत किया जाएगा।
ढांडा ने जिलावार व्यक्तिगत शौचालय के लिए सभी पात्र परिवारों को शीघ्र प्रोत्साहन राशि जारी करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को समय पर इस योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि गांवों में बनाए जा रहे सामुदायिक शौचालयों में पानी व साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए और सभी शौचालयों को इस्तेमाल में लाया जाए। इसके अलावा, गांवों को पॉलीथिन व प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए भी हर जिले में अभियान चलाया जाए। उनके अनुसार मिशन की स्टेट टास्क फोर्स के तहत जिला स्तर पर करवाए जा रहे कार्यों का निरीक्षण व समीक्षा की जाएगी। ताकि इनमें और अधिक तेजी व पारदर्शिता लाई जा सके।