पीएम मोदी के आदेश के बावजूद रोडवेज की बसों में 1000/500 के पुराने नोट नहीं ले रहे थे, लेकिन अब सशर्त लेने शुरू कर दिए हैं। नोटबंदी की वजह से फुटकर की समस्या से जूझ रहे रोडवेज ने नया तरीका खोजा है।
अब रोडवेज बसों में फुटकर की चिंता किए बिना यात्री सफर कर सकेंगे, लेकिन बड़े नोट देने पर यात्रियों को पैसा बाद में दिया जाएगा। यात्रा के समय कंडक्टर यात्री को टिकट देने के बाद शेष राशि को टिकट के पीछे बस का नंबर और अपना नाम लिखकर देगा।
बाद में यात्री उस टिकट को दिखाकर पैसे ले सकेंगे। प्रदेश के राज्य परिवहन निदेशक ने 500 और 1000 रुपये की करेंसी को स्वीकार करने के संबंध में सभी महाप्रबंधक, उड़नदस्ता अधिकारी को आदेश जारी किए हैं।
आदेश में कहा गया है कि जिन यात्रियों के पास फुटकर रुपये नहीं होते हैं, उनके टिकटों के पीछे बकाया राशि और बस का नंबर अंकित करें। उस राशि की डिटेल कैश जमा करवाते समय बुकिंग ब्रांच में जमा करवाएं।