हरियाणा सरकार की नई औद्योगिक प्रोत्साहन नीति-2015 के तहत स्टार्ट अप को प्रोत्साहित करने के लिए रियायतें और वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया गया है।
इसके तहत तीन करोड़ रुपये तक के स्टार्ट अप के लिए स्पेशल पैकेज के तहत वैट और स्टेट जीएसटी में 100 प्रतिशत तक रिफंड का प्रावधान किया गया है। इनमें प्रदेश के स्टार्ट अप के साथ-साथ नए उद्यमियों को खास तवज्जो दी जाएगी, जिनकी परियोजनाएं इनोवेटिव हो।
किसी भी यूनिवर्सिटी के सहयोग से इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना के लिए 30 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता (प्रत्येक यूनिवर्सिटी) का भी प्रावधान है। नास्कॉम के सहयोग से आईटी स्टार्ट अप, स्टार्ट अप वेयर हाउस के लिए चार करोड़ रुपये तक की लागत की परियोजनाओं के लिए वैट में रियायत का प्रावधान किया गया है।
इसके तहत पंचकूला और गुड़गांव के लिए सालाना एक करोड़ रुपये (नेटवर्किंग, बैंड विड्थ, लीज्ड लाइन, एसी फर्नीचर के लिए) तक की वित्तीय सहायता की जाएगी।
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से मोबाइल ऐप डेवलेपमेंट सेंटर की शुरुआत के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके तहत तीन साल तक हर साल एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान होगा।