हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज।
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एक साल से अधिक समय बीतने पर भी मामलों को नहीं सुलझाने पर 100 जांच अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। इनकी रिपोर्ट पुलिस विभाग ने गृह मंत्री अनिल विज के पास भेज दी है। विज ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वह अपने-अपने जिलों की जांच-पडताल करें यदि एक साल से अधिक की लंबी अवधि का कोई मामला पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करें। शेष 272 जांच अधिकारियों की स्टेटस रिपोर्ट डीजीपी शत्रुजीत कपूर दो दिनों में विज को सौंपेंगे।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह विज ने 372 जांच अधिकारियों के निलंबन का आदेश दिया था। विज ने निर्देश दे रखे हैं कि विभाग 372 आईओ की सूची बनाकर दें कि एफआईआर कब दर्ज हुई थी, किस-किस अधिकारी के पास जांच कितने-कितने समय तक रही, और अंतिम निर्णय क्या लिया गया और मामलों का स्तर क्या है, अगर एक साल से लंबित है।
स्वास्थ्य विभाग को लेकर फंसा पेंच
स्वास्थ्य विभाग में सीएमओ के अधिकारी के दखल के बाद से विज और सरकार के बीच पेंच फंसा हुआ है। विज ने स्वास्थ्य विभाग की फाइलों को देखना बंद कर दिया है। हालांकि, पांच अक्तूबर के बाद से सरकार की तरफ से भी इस विवाद को सुलझाने के लिए कोई प्रयास नहीं हुए। फिलहाल मामला तनावपूर्ण चल रहा है। विज मौखिक रूप से कई बार कह चुके हैं कि वह विभाग छोड़ चुके हैं, हालांकि, अभी तक लिखित में कुछ नहीं आया है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगर विज ने स्वास्थ्य विभाग छोड़ा तो डॉ. कमल गुप्ता को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है और विज को शहरी स्थानीय निकाय विभाग।
हुड्डा पक्का जेल में होंगे: विज
दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर विज ने कहा कि इसका मतलब इन्होंने फैसला ही ले लिया है, जो कोर्ट में मामले में चल रहे है। कोर्ट के मामलों पर क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा का अधिकार चलेगा और क्या दीपेंद्र सिंह हुड्डा उसका फैसला करेगा जबकि कोर्ट ने फैसला करना है। समय आएगा और हुड्डा जेल में होंगे, यह पक्की बात है, क्योंकि इनके सारे मामलों का मैंने अध्ययन किया है। जितना मैंने जाना है इन मामलों में कोई भी व्यक्ति बच नहीं सकता। हालांकि, कोर्ट का फैसला कुछ भी हो सकता है। विज ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल पर भी निशाना साधा और कहा कि शायद देश की कोई ऐसी सरकार हो, जिसके इतने मंत्री जेल में हो।