पंजाब की 117 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव लड़ रहे 1145 प्रत्याशियों में 100 प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जिन पर विभिन्न आपराधिक मामलों केस चल रहे हैं। खास बात यह है कि इन 100 दागी प्रत्याशियों में से अधिकांश को राजनीतिक दलों ने अपना प्रत्याशी बनाया है।
एडीआर की ओर से जारी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने 117 प्रत्याशियों में 12 दागियों को, आप ने 12, शिअद ने 94 प्रत्याशियों में 10, भाजपा ने 23 प्रत्याशियों में 2 को, अपना पंजाब पार्टी ने 77 प्रत्याशियों में 7 को, पंथक फ्रंट ने 54 प्रत्याशियों में 5 दागियों को टिकट दिए हैं।
इसके अलावा 304 निर्दलीय प्रत्याशियों में 19 ऐसे हैं, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन 100 दागी प्रत्याशियों में 77 ऐसे हैं, जिन पर संगीन आपराधिक केस दर्ज हैं, जबकि 4 प्रत्याशियों पर हत्या के मामले में केस चल रहे हैं। 11 पर हत्या के प्रयास के केस दर्ज हैं, जबकि 5 दागी महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में नामजद हैं।
जिन प्रत्याशियों के खिलाफ विभिन्न प्रकार के आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनमें कई जाने-माने चेहरे भी हैं और अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता के रूप में साख बनाए हुए हैं। कांग्रेस पार्टी के जिन प्रमुख नेताओं पर केस दर्ज हैं, उनमें प्रदेशाध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह पर चार केस दर्ज हैं। कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू समेत 11 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन पर एक-एक केस दर्ज हैं। रामपुरा फूल से कांग्रेस प्रत्याशी गुरप्रीत सिंह पर दो मामले दर्ज हैं।
सिमरनजीत सिंह बैंस (लोक इंसाफ पार्टी), अमित शर्मा (हिंदुस्तान शक्ति सेना) के खिलाफ 6-6 केस दर्ज हैं। सतीश कुमार नाहर (राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी) पर 4 केस दर्ज हैं। अवतार सिंह (पंथक फ्रंट), करण कांगड़ा (निर्दलीय), अनिल जोशी (भाजपा), कंवल प्रीत सिंह (आप), विजय डायमंड (अपना पंजाब पार्टी) के खिलाफ तीन-तीन केस दर्ज हैं।