48 हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजन वहां जाकर पछता रहे हैं। एक मरीज के परिजन ने बताया कि मरीजों को जीएमसीएच से बस नाम के लिए यहां शिफ्ट किया जा रहा है। दवा, जांच औेर इमरजेंसी के दौरान जीएमसीएच की दौड़ लगानी पड़ रही है। ठंड में मरीज को इस अस्पताल से उस अस्पताल का चक्कर लगवाने में परिजनों की तबीयत बिगड़ने लगी है। उन्होंने कहा, पूरी व्यवस्था के बाद ही इस अस्पताल को शुरू करवाना चाहिए था।
हॉस्पिटल बनाने के पीछे यह था उद्देश्य
सेक्टर- 48 में हॉस्पिटल बनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य 45, 46, 47, 49, 50, 51 जगतपुरा, फैदा, रामदरबार और मोहाली की जनता को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराना था। लेकिन सुविधा शुरू होने के बाद भी इस क्षेत्र की जनता के हाथ निराशा ही लगी है। सेक्टर- 51 के जगत और रामदरबार के संदीप सिंह का कहना है कि महज जीएमसीएच के डिपार्टमेंट शिफ्ट करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए। यहां गाइनी, पीडियाट्रिक और फिजीशियन की ओपीडी चलती तो हर दिन हजारों मरीज लाभान्वित होते।
48 वाले हॉस्पिटल में ईएनटी की ओटी न होने के कारण उस डिपार्टमेंट को पुन: जीएमसीएच में शिफ्ट किया गया है। रेडियोथिरैपी, स्किन और साइकैट्रिक डिपार्टमेंट के संचालन में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है। -अनिल मोदगिल, प्रशासनिक प्रवक्ता, जीएमसीएच