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10 साल की बच्ची से रेप केस में ऐसा मोड़ आया, पुलिस सन्न, मां बाप भी सकते में

Thu, 14 Sep 2017 09:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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child rape - फोटो : demo photo
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10 साल की बच्ची से रेप हुआ, वह मां भी बन गई। लेकिन केस में अब ऐसा मोड़ आ गया है कि मां बाप तो सकते में हैं ही, पुलिस के होश भी उड़े हुए हैं। दरअसल, दुराचार पीड़ित से जन्मी बच्ची का डीएनए सैंपल आरोपी कुल बहादुर से मैच नहीं हुआ है।
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अब सवाल यह उठता है कि आखिर नवजात बच्चा का जैविक पिता कौन है। डीएनए रिपोर्ट के बाद केस की सुनवाई कर रही जिला अदालत स्थित महिला अपराध के मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष कोर्ट ने यूटी पुलिस की एसएसपी को केस की आगे की जांच के लिए पत्र लिखा है।

शुक्रवार को डीएनए रिपोर्ट अदालत में सौंपी गई थी। सूत्रों के अनुसार अदालत में गुप्त रूप से सौंपी गई रिपोर्ट को खोलने के वक्त अदालत में केवल चुनिंदा लोग ही मौजूद थे। जिस वक्त रिपोर्ट खोली गई उस वक्त अदालत में मौजूद पुलिस स्टाफ को भी बाहर भेज दिया गया था। वहीं डीएन एक्सपर्ट की गवाही के बाद इसे पूर्ण रूप से गुप्त रखा गया।
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सुलगते सवाल

बच्ची के साथ दुराचार किया - फोटो : demo photo
- पुलिस जांच के दौरान यह बात सामने क्यों नहीं आई?
- पुलिस ने जांच को एक ही एंगल पर क्यों फोकस रखा।
- बच्ची व उसके पैरेंट्स की काउंसिलिंग के दौरान काउंसलर उसके हावभाव क्यों नहीं पहचान पाए?
- बच्ची ने परिवार या मां को इस बारे में क्यों नहीं बताया और अगर कोई और था तो उसका नाम पुलिस को क्यों नहीं बताया?
- क्या बच्ची के माता-पिता किसी और आरोपी को बचा रहे हैं?

डीएनए रिपोर्ट से आरोपी को नहीं मिल सकेगी कोई मदद
कानून के जानकारों के अनुसार केस पर इस मेडिकल एविडेंस (डीएनए रिपोर्ट) का असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि अदालत में पीड़ित बच्ची आरोपी की पहचान कर चुकी है और अदालत में बयान दर्ज करा चुकी है कि आरोपी ने उससे दुराचार किया है। डीएन रिपोर्ट मात्र एक मेडिकल एविडेंस के तौर पर होती है। यह केस में केवल कुछ हद तक मददगार हो सकती है, लेकिन इसी रिपोर्ट पर पूरा केस तय नहीं हो सकता।

पुलिस पहुंची बच्ची के घर

child rape - फोटो : demo photo
जांच अधिकारी पुलिस टीम के साथ मंगलवार को पीड़ित के घर पहुंची। हालांकि घर पर केवल पीड़ित बच्ची और उसकी बहन ही मौजूद थी। इसके बाद फिलहाल पुलिस बिना पूछताछ के ही लौट आई। पुलिस अब बच्ची की फिर से काउंसलिंग करेगी और उससे जानने की कोशिश करेगी कि उसके साथ घिनौनी हरकत करने वाला और कौन था।

आईओ को 15 के लिए समन
अदालत ने केस की जांच अधिकारी को 15 सितंबर के लिए समन किए हैं। उस दिन जांच अधिकारी के बयान दर्ज किए जाएंगे। अदालत में अब तक करीब 15 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। मंगलवार को भी एक पुलिसकर्मी के बयान हुए। सेक्टर-39 थाने के मालखाना मुंशी हेड कांस्टेबल हरबंस सिंह के बयान हुए। उन्होंने अदालत के समक्ष रिकार्ड की पुष्टि की।
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केस मजबूत करने के लिए पुलिस ने कराया था डीएनए टेस्ट

बच्ची से रेप - फोटो : demo photo
केस को मजबूत करने के लिए ही पुलिस ने आरोपी और नवजात का डीएनए टेस्ट कराया था। 17 अगस्त को पुलिस ने कोर्ट में याचिका दायर की थी और अदालत ने उसे उसी वक्त मंजूर कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने नवजात बच्ची के भी सैंपल लिए थे।

यह है मामला
बीते माह 10 साल की बच्ची के पेट में दर्द होने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए। वहां जांच के बाद पता चला कि बच्ची गर्भवती है। इसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बच्ची ने बताया कि उसके मामा कुल बहादुर ने ही उससे कई बार गलत काम किया है। पुलिस ने बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट और मां की शिकायत के आधार पर आरोपी मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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