फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10 साल की रेप पीड़िता बनी मां, बेटी ने पूछा तो पिता ने कहा- पथरी का ऑपरेशन हुआ

Sat, 19 Aug 2017 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
- फोटो : डेमो पिक
विज्ञापन
दस साल की रेप पीड़िता बच्ची को नहीं बताया गया था कि उसके पेट में बच्चा है। जब बच्ची अपने पेरेंट्स से पूछती थी कि उसे अस्पताल में क्यों रखा गया है तो उसे बताया जाता था कि उसके पेट में स्टोन (पथरी) है।
विज्ञापन


आपरेशन थियेटर ले जाते वक्त भी उसने पूछा था कि उसे कहां लेकर जा रहे हैं। उस दौरान पेरेंट्स ने बताया कि आज स्टोन निकाला जाना है। आज डाक्टर इसका इलाज कर देंगे। काउंसलर ने पेरेंट्स को मना कर रखा था कि बच्ची को इस बारे में न बताएं कि वह प्रेग्नेंट है। इससे बच्ची के दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है। हालांकि पीजीआई की रिपोर्ट बता चुकी थी कि बच्ची मानसिक रूप से काफी मजबूत है। अस्पताल में भी बेफिक्र और मासूम बच्चे की तरह व्यवहार कर रही थी। उसे देखने के बाद कोई भी नहीं जान पाता था कि वह प्रेग्नेंट है। और उसकी डिलीवरी होनी है। वह पूरे दिन प्राइवेट रूम में टीवी पर कार्टून देखती रहती थी।

अपनों ने छोड़ा, परायों ने भरी गवाही
डिलीवरी के बाद नवजात के लिंग की पहचान के लिए अस्पताल प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दस साल की बच्ची के पिता ने जन्मे नवजात को अपनाने से इंकार कर दिया था। ऐसी स्थिति में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सदस्यों को बच्ची दिखाई गई और उन्होंने उसकी गवाही भरी। दरअसल डिलीवरी के बाद जन्मे बच्चे की पहचान के लिए उसके परिजनों को दिखाया जाता है, ताकि बाद में बच्चे के लिंग को लेकर कोई विवाद न हो।
विज्ञापन

रात भर बच्ची की मां रोई, पिता भी मायूस

- फोटो : File Photo
रात भर बच्ची की मां रोई, पिता भी मायूस
दस साल की बच्ची के भविष्य को लेकर उसके माता-पिता काफी चिंतित थे। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि रात में उसकी मां कई बार रोई। सुबह ऑपरेशन के दौरान भी उसकी आंखों में सूजन थी। जब ऑपरेशन चल रहा था कि पिता भी काफी चिंतित थे। उसने वहां पर डॉक्टरों को बोला कि वह अपने काम पर जा रहा है। एक घंटे बाद वापस आएगा। लेकिन डॉक्टरों ने उसे जाने से मना कर दिया। जब बच्ची का ऑपरेशन चल रहा था, तब दोनों ऑपरेशन थियेटर के बाहर काफी घबराए दिख रहे थे।

मेडिकल कॉलेज में पहली बार दस साल की बच्ची की हुई डिलीवरी
कार्यवाहक डायरेक्टर प्रोफेसर जनमेजा ने बताया कि यह पहली बार है, जब अस्पताल में दस साल की बच्ची की डिलीवरी हुई हो। यह केस काफी चुनौतीपूर्ण था। समस्या यह थी कि इतनी कम उम्र के बच्चे की डिलीवरी का अनुभव संस्थान के किसी भी डॉक्टर के पास नहीं था।

दूसरी बड़ी समस्या यह थी कि ऑपरेशन से चार दिन पहले हास्पिटल की अनुभवी डॉक्टर अलका सहगल ने बच्ची का इलाज करने से मना कर दिया था। उसके बाद केरल में छुट्टी मनाने गई डा. पूनम को बुलाया गया। इन सब समस्याओं के बावजूद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने बच्ची की सफल डिलीवरी करवा दी।

ऐसे रखा जाएगा बच्ची का ख्याल

- फोटो : DEMO Pics
डीएनए सैंपल के लिए नवजात व मां का लिया सैंपल
नवजात और उसके पिता का डीएनए सैंपल मैच कराने के लिए डिलीवरी के बाद जन्मे बच्चे और उसकी मां का ब्लड सैंपल लिया गया। बच्ची से रेप के आरोपी मामा का भी सैंपल लिया गया ताकि कोर्ट में साबित किया जा सके कि वही नवजात का पिता है।

ऐसे रखा जाएगा बच्ची का ख्याल
नवजात को अपनाने से मना करने के बाद उसकी परवरिश पर सवाल खड़े हो गए हैं। उसके पेरेंट्स शुक्रवार को अधिकारिक तौर पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सरेंडर कर देंगे। उसके बाद कमेटी दो महीने तक पेरेंट्स को समय देगी, ताकि यदि पेरेंट्स का मन बदले तो वह बच्ची को दोबारा से अपने साथ रख सकें।

यदि इन दो महीने में पेरेंट्स की ओर से कोई जवाब नहीं आता है तो चाइल्ड वेलफेयर कमेटी नवजात की डिटेल सेंट्रल एडाप्शन रिसोर्स अथॉरिटी में डाल देगा। उसके बाद कोई भी बच्ची की डिटेल देखने के बाद गोद लेने के लिए अप्लाई कर सकेगा। गोद लेने की प्रक्रिया पूरी होने तक बच्ची सेक्टर 15 आशियाना में रहेगी।
विज्ञापन

शिशु का क्या होगा

- फोटो : Demo Pic
शिशु का क्या होगा
- जब तक बच्चे की सेहत ठीक नहीं होती तब तक उसे डॉक्टरों की विशेष निगरानी में अस्पताल में ही रखा जाएगा।
- परिवार ने बच्चा नहीं पालने का फैसला किया है, अत: उसे बाल संरक्षण समिति के हवाले कर दिया जाएगा।
- दो महीने तक सेक्टर-15 स्थित आशियाना संरक्षण गृह में उसका पालन-पोषण किया जाएगा
- इसके बाद उसे गोद देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

क्या कहता है कानून
अदालतें मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के अनुसार 20 हफ्ते तक के गर्भ को गिराने की अनुमति दे सकती हैं। भ्रूण में कोई आनुवंशिक खराबी होने पर इसमें छूट दी जा सकती है। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें