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पीजीआई के 10 प्रोफेसर दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में शामिल

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चंडीगढ़। पीयू की भांति ही पीजीआई के प्रोफेसर दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए हैं। दुनियाभर के दो फीसदी वैज्ञानिकों का डाटा विश्लेषण किया गया। उसी में पीजीआई के 10 प्रोफेसरों को जगह मिली है। उनके रिसर्च पेपर व उनके प्रभाव के आधार पर उनका चयन हुआ है। टॉप के रिसर्च जर्नल में प्रकाशित पेपर का प्रभाव भी निकाला गया है। यह पीजीआई के लिए खुशी की बात है। पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने इस बेहद खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि आगे भी पीजीआई ऐसे ही प्रदर्शन करेगा। यह विश्व रैंकिंग अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की ओर से निकाली गई है। उन्होंने दुनियाभर के टॉप एक लाख वैज्ञानिकों का चयन और उनमें से ही दो फीसदी टॉप के वैज्ञानिक निकाले गए। उन्हें में से पीजीआई व पीयू के वैज्ञानिक शामिल हैं।
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ये हैं चयनित प्रोफेसर
प्रो. अरुणालांके चक्रबर्ती
प्रो. रितेश अग्रवाल
प्रो. प्रणब
प्रो. एसके चुघ
प्रो. आमोद गुप्ता
प्रो. आरके धीमान
प्रो. सुनीत सिंघी
प्रो. प्रतिभा सिंघी
प्रो. एजे कंवर
प्रो. रविंद्र खैवाल
फादर ऑफ नेफ्रोलॉजी की हो चुकी है मौत
टॉप वैज्ञानिकों में शामिल प्रोफेसर एसके चुघ देश के पहले क्वालिफाइड नेफ्रोलॉजिस्ट रहे हैं। उन्हें भारत का फादर आफ नेफ्रोलॉजी भी कहा जाता है। पंजाब के अमृतसर में जन्मे चुघ की 84 साल की उम्र में 17 सितंबर साल 2017 को मौत हो गई थी। उन्हें पदम श्री अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके प्रयासों से देश का पहला नेफ्रोलाजी डिपार्टमेंट पीजीआई चंडीगढ़ में स्थापित हुआ था।
सभी का अपनी फील्ड में है नाम
पीजीआई के पूर्व डीन डॉ. अमोद गुप्ता देश के जाने माने नेत्र विशेषज्ञ हैं। उन्हें साल 2014 में पदमश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। वे पीजीआई के सबसे अनुशासित प्रोफेसर रहे हैं। टॉप वैज्ञानिक में शामिल आरके धीमान इस समय लखनऊ पीजीआई के निदेशक के पद पर शामिल हैं। पल्मोनेरी मेडिसिन के प्रोफेसर रितेश अग्रवाल को हाल ही में देश के शीर्ष वैज्ञानिक पुरस्कार शांति स्वरूप भटनागर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। प्रो. रविंद्रा खैवाल स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ में पर्यावरण वैज्ञानिक हैं। उनका वायु प्रदूषण पर काफी सराहनीय कार्य रहा है।
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