चंडीगढ़। यूपी की छह करोड़ रुपये की लूट के आरोपियों को बचाने की साजिश में नामजद इंस्पेक्टर जसमिंदर सिंह को पुलिस विभाग ने बहाल कर दिया है। करीब एक साल से निलंबित चल रहे इंस्पेक्टर के साथ 9 अन्य पुलिसकर्मियों को भी सेवा में वापस लिया गया। हालांकि, सभी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले पहले की तरह जारी रहेंगे।
मामला मार्च 2025 का है, जब डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर जसमिंदर सिंह को लूट के आरोपियों से मिलीभगत के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के बागपत से आए दो युवकों राकी और गौरव को आर्म्स एक्ट के फर्जी मामले में जेल में सुरक्षित रखने की साजिश रची थी।
जांच के दौरान आरोपियों और स्थानीय लोगों की बातचीत उजागर हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया था। अब विभागीय कार्रवाई के बाद उन्हें पुनः बहाल किया गया है।