फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ में सेफ रहें महिलाएं, पुलिस ने लागू की नई सुरक्षा पॉलिसी

Sat, 11 Jun 2016 09:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर
विज्ञापन
शहर में महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराध के बाद उनकी सुरक्षा के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने लागू की नई पॉ‌लिसी। दरअसल यूटी पुलिस जल्द ही अपने पीसीआर के बेडे़ में 10 नई महिला पीसीआर गाड़ियां शामिल करने जा रही है। पुलिस विभाग ने 10 नई मारुति एर्टिगा गाड़ियों की खरीद के लिए प्रस्ताव यूटी प्रशासन के पास भेज दिया है। जैसे ही वहां से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलेगी। गाड़ियां खरीद ली जाएंगी।
विज्ञापन


पुलिस विभाग शहर में महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर दस पीसीआर गाड़ियां खरीदेगा जो कि सिर्फ महिलाओं की कॉल पर महिलाओं के पास जाएंगी। इन पीसीआर में सिर्फ महिला स्टाफ ही तैनात  होगा। एसएसपी सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि पुलिस विभाग पीसीआर गाड़ियों का एक नया बेड़ा तैयार करेगा। इसके लिए विभाग दस नई पीसीआर वैन खरीदने जा रहा है । ये पीसीआर गाड़ियां  शहर की महिलाओं के लिए  पूरी तरह समर्पित होंगी। इसके लिए प्रशासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बस मंजूरी मिलने का इंतजार है।

एसएसपी ने बताया कि ये महिला पीसीआर भी हर समय शहर में दूसरी पीसीआर गाड़ियों की तरह पेट्रोलिंग करेंगी और जहां भी किसी महिला की 100 नंबर मदद के लिए  या शिकायत की कॉल आएगी, वहां ये महिला पीसीआर पहुंचेगी। पुलिस का कहना है कि तीनों डिवीजन सेंट्रल, साउथ और ईस्ट के पास तीन तीन महिला पीसीआर तैनात की जाएंगी। जो कि महिलाओं के साथ हो रहे क्राइम पर अंकुश  लगाएगी।
विज्ञापन


इन महिला पीसीआर को खासकर ऐसी भीड़ भाड़े वाली जगहों पर तैनात किया जाएगा जहां पर लड़कियों के साथ छेड़छाड़ होने की शिकायतें मिलती रहती हैं। इन पीसीआर गाड़ियों को  स्कूल , गर्ल्स कालेजों और पार्कों के आसपास तैनात किया जाएगा।

वर्तमान में यूटी पुलिस के बेड़े में 59 पीसीआर
इस समय यूटी पुलिस के बेड़े में कुल 59 पीसीआर गाड़ियां है। इनमें 30 एर्टिगा व 29 जिप्सियां  है। पीसीआर महिलाओं व लड़कियों के लिए रात के समय उनको घर छोड़ने की भी सुविधा मुहैया करवाती  है। अगर किसी महिला को रात के समय  रास्ते में कोई दिक्कत आती है तो वो 100 नंबर कॉल कर पीसीआर की बुला सकती हैं और वह पीसीआर पीड़ित महिला को उसके  घर के दरवाजे तक छोड़कर आएगी। इस जिप्सी में  महिला कर्मचारी भी होती हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें