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10 भारतीय कुवैत गए कमाने, 2 साल से जेल में, कौन जाए बचाने?

Tue, 30 Aug 2016 09:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, होशियारपुर
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Punjabi's in Kuwait Jail - फोटो : Amar ujala
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पैसा कमाने के लिए कुवैत गए 10 नौजवान पिछले दो साल से जेल में कैद हैं। उनके परिजन इंसाफ के लिए भटक रहे हैं। कोई भी उनकी मदद नहीं कर रहा। कुवैत की एक कंपनी में मजदूरी करने गए पंजाब के विभिन्न जिलों के 10 नौजवानों का मिस्र के मजदूरों के साथ झगड़ा हो गया था। इसके बाद उनको स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया था। 
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दो साल बीत जाने के बाद भी संतोख सिंह पुत्र सुरिन्दर सिंह निवासी कपूरथला, रुलरु राम पुत्र दर्शन राम निवासी बडला, गुरप्रीत सिंह पुत्र सुखदेव सिंह निवासी मोगा, तरसेम पुत्र शिंगारा राम निवासी चूहड़वाली, सतपाल सिंह पुत्र मदन लाल निवासी अटारी नवांशहर, सोहन पुत्र हरभजन सिंह निवासी बसी जलाल टांडा, सुरजीत पाल पुत्र दर्शन राम निवासी बॅडला, विजय कुमार पुत्र गुरवचन सिंह निवासी कपूरथला और रूप सिंह पुत्र बलदेव सिंह निवासी सीहड़ा गुरदासपुर जेल में बंद है।

Punjabi's in Kuwait Jail - फोटो : Amar ujala
​इनकी रिहाई के लिए सर्किल के पास गुहार लगाने के लिए सोमवार को प्रेस क्लब में युवकों के माता-पिता ने कहा कि उनके लड़के कुवैत की अहिमदीया कांट्रेक्टिंग तथा ट्रेनिंग कंपनी में मजदूरी करते थे। 28 जुलाई 2014 को उनका मिस्र के मजदूरों के साथ झगड़ा हो गया था।

इसके बाद स्थानीय पुलिस ने 14 भारतीयों और 27 मिस्री व्यक्तियों पर कार्रवाई की थी। कुछ समय बाद आठ पंजाबियों को जमानत पर छोड़ दिया गया। सुरजीत पाल को जेल में ही रखा गया। उन्होंने बताया कि 27 मई को नौ पंजाबियों को दोबारा जेल में बंद कर दिया गया। पीड़ितों ने कहा कि उनके परिजन घर के हालात को मजबूत करने के लिए विदेश गए थे। अब उनके परिवार गरीबी की हालत में दर दर भटकने को मजबूर हैं।

 
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पीएम मोदी से लगाई गुहार

Jail
पीड़ितों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगाई कि वह दखल देकर उनके बच्चों को घर लाएं। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा किए संगत दर्शनों में भी विनती कर चुके है लेकिन उनकी बात की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया।

उन्होंने कुवैत स्थित भारतीय एंबेसी पर आरोप लगाते कहा कि नौजवानों के पक्के तौर पर जाने के बावजूद एंबेसी द्वारा उनकी कोई भी मदद नहीं की गई है। उल्लेखनीय है कि गांव बडला के निवासी दर्शन राम के दोनों बेटे रुलरु राम और सुरजीत पाल जेल में बंद होने के कारण दर्शन राम की दिमागी हालत खराब हो चुकी है।
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