पंजाब में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के फंड को लेकर बड़ी विभागीय लापरवाही सामने आई है। समीक्षा में विभिन्न पेंशन योजनाओं के बिना जीवित प्रमाण पत्र के 1.27 लाख बैंक खातों के संचालित होने का खुलासा हुआ है। हालांकि विभाग ने इन बैंक खातों से 29 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है। अब सरकार की ओर से इस मामले में अधिकारियों की लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने अपना कार्यभार संभालने के बाद सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को सरकारी खजाने की बचत करने के साथ-साथ जरूरतमंदों और वास्तविक लाभार्थियों के लिए इन योजनाओं के अंतर्गत निष्पक्ष ढंग से वित्तीय सहायता सुनिश्चित बनाने के लिए सभी योजनाओं की बारीकी से समीक्षा करने का निर्देश दिया था।
समीक्षा के दौरान विभाग ने 1,27,643 ऐसे खाते चिह्नित किए जिनमें जीवित प्रमाण पत्रों की कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मृतक लाभार्थियों के बैंक खातों से 28.97 करोड़ रुपये की वसूली कर यह रकम सरकारी खजाने में जमा करवा दी गई है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा बुजुर्गों, विधवाओं, बेसहारा बच्चों और दिव्यांगजनों को 1500 रुपये प्रतिमाह वित्तीय सहायता दी जा रही है। 28.85 लाख लाभार्थियों को प्रतिमाह 432.75 करोड़ रुपये की पेंशन दी जा रही है। 19,47,427 बुढ़ापा पेंशनर, 5,38,010 विधवाएं या बेसहारा महिलाएं, 1,75,135 बेसहारा बच्चे और 2,24,513 दिव्यांग व्यक्ति अपनी मासिक पेंशन का लाभ ले रहे हैं।
बजट में मिले 4420 करोड़
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि विभाग को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत बजट के रूप में 4420.70 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। इनमें से 4353.64 करोड़ रुपये कुल 28,85,085 लाभार्थियों को बांटे जा चुके हैं।