सेवानिवृत्त प्राचार्य पुरुषोतम पुरी
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मेडिकल कॉलेज चंबा में बड़े गोलमाल का खुलासा हुआ है। कॉलेज से सोमवार को सेवानिवृत्त हुए प्राचार्य पुरुषोतम पुरी ने धांधलियों का पर्दाफाश किया है। उन्होंने मामले की विजिलेंस जांच करने की मांग की है। पुरूषोत्तम पुरी ने बताया कि उनके चंबा में ज्वाइन करने से पहले एनआरआई कोटे में आने वाले एमबीबीएस प्रशिक्षुओं से नियमों से विपरीत 55000-55000 अतिरिक्त फीस वसूली गई।
उन्होंने सरकार को सूचित किया और प्रशिक्षुओं से ली गई अतिरिक्त फीस को वापस भी करवाया। एक अन्य मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कॉलेज के लिए 30 लाख की मशीन 80 लाख में खरीदी गई।
चंबा मेडिकल कॉलेज में हर साल सरकार को चार से पांच करोड़ रुपये का चूना लगाया जा रहा था। उन्होंने इस गोलमाल को बंद करवाकर सरकार का खर्च बचाया। आउटसोर्स कर्मचारियों की संचालक कंपनी से उन्होंने साठ लाख की रिकवरी कर सरकार के खाते में जमा करवाया।
एसआरएल लैब में हर वर्ष सात से आठ लाख रुपये की जांच के बिल बनते थे। जिसे कम करवाकर तीन लाख तक पहुंचाया। घोटालों का पर्दाफाश करने के लिए उन्होंने सरकार से कई बार विजिलेंस जांच करवाने की मांग की, लेकिन उन्हें अनसुना कर दिया गया। जब उन्होंने चंबा मेडिकल कॉलेज में ज्वाइन किया था। तो उनके सिस्टम से सारा रिकॉर्ड गायब कर दिया गया।
अफसरों के साथ सफेदपोश भी हो सकते हैं शामिल
गोलमाल में निचले स्तर से लेकर उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के शामिल होने की आशंका है। इतना ही नहीं इस धांधली में नेताओं का हाथ भी हो सकता है। हालांकि, सेवानिवृत्त प्राचार्य ने धांधली को लेकर किसी अधिकारी या राजनेता का नाम नहीं लिया, लेकिन विजिलेंस जांच की मांग से इस बात का अंदेशा लगाया जा सकता है।
समय से पहले सेवानिवृत्ति पर पूछे सवाल पर डॉ. पुरूषोत्तम पुरी ने बताया कि उन्होंने सिस्टम से नाखुश होकर समय से पहले सेवानिवृत्ति ली। अभी उनका कार्यकाल छह माह और था।