हरियाणा में टीचरों के तबादले पर रोक लगाने के सरकार ने आदेश दिए हैं। इस आदेश के मुताबिक केवल अदालत के आदेश पर हुए ट्रांसफर ही फिलहाल किए जा सकेंगे। 30 अप्रैल को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में फैसला लिया गया। इस संबंध में विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश भेजने सहित विभिन्न जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अलग अलग जिलों से इंटर डिस्ट्रिक्ट पॉलिसी के तहत जेबीटी के स्टेशन अलॉटमेंट करने संबंधी प्रस्तावों को भी वापस कर दिया गया है।
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि पिछले महीने मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद इंटर डिस्ट्रिक्ट कैडर टीचर ट्रांसफर भी नई ट्रांसफर पॉलिसी के मुताबिक किए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने तत्काल प्रभाव से काउंसलिंग भी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। सभी डीईईओ को निर्देश दिए गए हैं कि जिन शिक्षकों के तबादले के आदेश जारी हो चुके हैं, वह जल्द से जल्द संबंधित जोन का विकल्प दें, ताकि उन्हें स्टेशन अलॉट किए जा सकें।
साथ ही सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी(डीईईओ)को निर्देश दिए गए हैं कि अपने जिलों में रिक्तियों की संख्या सार्वजनिक करें ताकि शिक्षकों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। बैठक में उन सभी तबादलों को निरस्त कर दिया गया है, जो अप्रैल के बाद प्रभावी किए गए हैं।
बैठक में यह भी फैसला लिया गया है कि इंटर डिस्ट्रिक्ट पॉलिसी के तहत जेबीटी टीचर्स को स्टेशन अलॉट करने संबंधी प्रस्तावों को भी वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सीएम के ओएसडी मुकुल शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव(सेकेंडरी एजुकेशन), निदेशक सहित अन्य अधिकारी भी शामिल थे।