प्रदेश में इस शिक्षा सत्र में अनिवार्य और अनुरोध के आधार पर खूब तबादले हुए, लेकिन नियमावली में प्रावधान के बावजूद 29 (1) के तहत इस शिक्षा सत्र में अब शिक्षकों के तबादले नहीं हो पाएंगे।
शिक्षकों के तबादलों के लिए निदेशालय को इस बार एक्का-दुक्का नहीं बल्कि 2500 से अधिक आवेदन मिले हैं। पिछले एक साल से शिक्षक इन तबादलों का इंतजार कर रहे हैं।
शासन की कमेटी इन शिक्षकों के तबादले करती है। विभागीय सूत्रों की मानें तो अपर मुख्य सचिव एस राजू इसी महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जो रिटायर होने से पहले शिक्षकों के तबादले करने के पक्ष में नहीं हैं।
विभाग की ओर से इसकी एक और वजह बोर्ड परीक्षाओं को भी बताया जा रहा है। सवाल यह है कि बोर्ड परीक्षाओं से पहले विभाग ने तबादले क्यों नहीं किए।
यह है प्रावधान:
अनुरोध और अनिवार्य के आधार पर शिक्षा सत्र में जितने तबादले हुए उनके तीन फीसदी तबादले 29 (1) के तहत होते हैं, लेकिन शासन ने यह तबादले नहीं किए।
नियमावली में इन तबादलों का प्रावधान है लेकिन शासन ने इसकी अनदेखी की है। कई गंभीर बीमार शिक्षक तबादलों का इंतजार ही करते रह गए।
- सुभाष चौहान, प्रदेश अध्यक्ष जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ