प्रदेश में बीएड टीईटी पास प्रशिक्षित बेरोजगारों की शिक्षकों के पदों पर भर्ती कानूनी दांव पेच में उलझ गई है। इन्हें 31 मार्च से पहले नियुक्ति न मिलने से मामला और उलझ गया है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट में मामला सुलझ भी जाए तो भर्ती के लिए अब केंद्र से अनुमति लेनी होगी। प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती 31 मार्च 2016 से पहले होनी थी।
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की गाइड लाइन के अनुसार 31 मार्च के बाद बीएड शिक्षक के लिए बीएड की डिग्री अमान्य हो जाएगी। बेरोजगारों को इसके लिए अब डीएलएड करना होगा।