सरकारी स्कूल में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के बीते सप्ताह ताबड़तोड़ स्कूल निरीक्षण के दौरान शिक्षकों पर की गई कार्रवाई के खिलाफ सभी शिक्षक संगठन एकजुट हो गए हैं। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि दिल्ली सरकार बिना किसी जांच के ही फैसले ले रही है।
बृहस्पतिवार को जारी ज्ञापन में जीएसटीए के अध्यक्ष सीपी सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्री की यह हिटलरशाही है। वह आरोपों पर बिना जांच के ही कार्रवाई कर रहे हैं। इसे लेकर शिक्षकों में नाराजगी है। शिक्षक अपने सम्मान के लिए सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।
सिंह का कहना है कि मंत्री, शिक्षकों की 30 हजार खाली सीटों को भरने को लेकर कोई चर्चा नहीं कर रहे हैं। वह केवल स्वयंसेवी संगठनों के एजेंडे पर काम कर रहे हैं।
बताते चलें कि बीते दिनों शिक्षा मंत्री ने अलग-अलग स्कूलों में जाकर दो प्रिंसिपल, दो स्थायी शिक्षकों को निलंबित कर दिया था और अन्य दो शिक्षकों व एक गेस्ट टीचर को बर्खास्त कर दिया था।
इसके विरोध में गर्वमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (जीएसटीए) ने सरकार के फैसलों के खिलाफ लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि उन्हें नगर निगम शिक्षक संघ (एमसीटीए) और सहायता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ (जीएएसटीए) का भी समर्थन मिल रहा है।