मेवात जिले के स्कूलों में अध्यापकों का भारी टोटा है, इसके बावजूद करीब एक दर्जन से अधिक अध्यापक विभिन्न कार्यालयों में बतौर क्लर्क काम कर रहे हैं। वहीं जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि कोई भी अध्यापक खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में काम नहीं कर सकता, अगर ऐसा है तो वह जांच कराएंगे।
फिरोजपुर झिरका खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ही पांच अध्यापक बतौर क्लर्क काम कर रहे हैं, जबकि इस कार्यालय में पहले से ही चार क्लर्क और एक एसएसए लगे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार अखनाका मिडिल स्कूल से एसएस मास्टर महेंद्र, बसई मेव प्राइमरी स्कूल से अशोक कुमार जेबीटी अध्यापक, बावन ठेड़ी से जेबीटी अध्यापक धर्म चंद, राजोली से सुरेश कुमार जेबीटी अध्यापक और वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय फिरोजपुर झिरका से लैब एस्सिटेंट अयूब को बीईओ कार्यालय में डेपुटेशन पर भेजा गया है, जबकि रावली स्कूल से भेजे गए अजय चुटानी, बूबेलहेड़ी से क्लर्क वारिस, महूं से क्लर्क मामराज और उमरदीन बीईओ कार्यालय में पहले से ही बतौर क्लर्क काम कर रहे हैं।
वहीं एसएसए की ओर से अमित भी यहां लगे हुए हैं। इसके अलावा जिले के पुन्हाना, नगीना, नूंह और तावडू के खंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय में कई अध्यापक बतौर क्लर्क काम कर रहे हैं।
गांव अखनाका निवासी एवं जिला पार्षद फखरूदीन ने बताया कि उनके गांव के मिडिल स्कूल में करीब ढाई सौ बच्चे हैं। इनको पढ़ाने के लिए केवल एक संस्कृत का अध्यापक है। उनके स्कूल के एसएस मास्टर महेंद्र काफी समय से डेपुटेशन पर चल रहे हैं।
फिरोजपुर झिरका के खंड शिक्षा अधिकारी सूगर सिंह ने बताया कि उनके दफ्तर में काफी काम है और क्लर्क कम हैं। इस वजह से मजबूरी में उन्हाेंने अध्यापकों को लगाया हुआ है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी वजीर चंद मजौका ने फोन पर बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी अध्यापकों से क्लर्क का काम नहीं करा सकते। उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है, अगर किसी कार्यालय में ऐसा है तो उन्हें तुरंत शिक्षण कार्य के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी जांच भी कराई जाएगी।