टांडा मेडिकल कॉलेज में संचालित नर्सिंग कॉलेज की 28 नर्सोँ को विदेशों के नामी अस्पतालों में काम करने का मौका मिला है। ये नर्सें टांडा नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं। अब ये नर्सें को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल मैदांता दिल्ली में नौकरी ज्वाइन करेंगी। इसके बाद एक से डेढ़ साल के अनुभव के बाद ये विदेशों के नामी अस्पतालों में सेवाएं देंगी।
टीएमसी प्रशासन ने इन नर्सों का मैदांता अस्पताल में नौकरी के लिए ऑनलाइन इंटरव्यू कॉल किया था। इसमें अनुभव आधार पर इन नर्सों को विदेशों में नौकरी करने का भी प्रस्ताव था। नर्सों ने मैदांता अस्पताल में लिए गए साक्षात्कार के दौरान विदेश में नौकरी करने को लेकर भी सवाल किए गए।
इसमें नर्सों ने विदेशों में नौकरी करने को लेकर हामी भरी थी। पहले चरण में तमाम नर्सें एक महीने के भीतर मैदांता अस्पताल नई दिल्ली में नौकरी ज्वाइन करेंगी। हिमाचल में यह पहली बार हो रहा है कि प्रदेश से एक साथ इतनी नर्सों को विदेशों में नौकरी करने का मौका मिल रहा है। इन नर्सों को विदेशों में नौकरी दिलाने के लिए टीएमसी प्रशासन ने भी काफी प्रयास किया।
टीएमसी प्रशासन की सूत्रों के अनुसार हर साल पास आउट होने वाली नर्सों को देश के नामी अस्पतालों में नौकरी दिलाई जाएगी। इससे नर्सें प्रदेश के अस्पतालों में नौकरी करने वाली नर्सों के मुकाबले डबल सेलरी पाएंगी। इससे पहले अकसर पास आउट होने के
बाद नर्सों को हिमाचल में सरकारी अस्पतालों में नौकरी करनी पड़ती थी या फिर निजी अस्पतालों में। सरकारी अस्पतालों में नौकरी न मिलने पर नर्सों को कम पैसों में काम करना पड़ रहा था। ऐसे में अब टीएमसी प्रशासन ने नर्सों को नौकरी दिलाने के लिए नामी अस्पतालों से टाईअप कर लिया है।
हर साल होती 28 नर्सों की एडमिशन
टीएमसी के नर्सिंग कॉलेज में हर साल 28 नर्सों की एडमिशन होती है। ये नर्सें टीएमसी में प्रेक्टिकल और थ्योरी भी करती हैं। अस्पतालों में उन्हें पढ़ाई के साथ मरीजों की देखभाल और उपचार के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाती है।
ऑनलाइन इंटरव्यू में उत्तीर्ण हुई हैं सभी नर्सें
टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. अनिल चौहान ने कहा कि नर्सों का मैदांता अस्पताल में ऑनलाइन इंटरव्यू करवाया गया है। इसमें सभी नर्सें पास रही हैं। अब ये नर्सें आने वाले समय में विदेशों में स्थित नामी अस्पतालों में काम कर सकेंगी।