सुभारती मेडिकल कॉलेज में सीलिंग कार्रवाई के दौरान कुछ पत्रावलियां और रसीद बुक आदि गायब होने का पता चला है। सूत्रों के मुताबिक इनमें कुछ एमसीआई को भेजे गए पत्र गायब हैं तो कई मरीजों का ब्योरा भी अस्पताल से गायब है। छात्रों को दी जाने वाली रसीद बुक में भी खेल की बात सामने आई है। कुछ रसीद बुक भी कॉलेज दफ्तर से गायब बताई जा रहीं हैं।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज के छात्रों की शिकायत पर ही सर्वोच्च न्यायालय ने सुभारती मेडिकल कॉलेज को सील कर इसे राज्य के स्वामित्व में संचालित करने के आदेश दिए थे। इसके बाद शुक्रवार से कॉलेज परिसर में प्रशासन और मेडिकल टीम पूर्व के दस्तावेजों की पड़ताल कर इसके अधिग्रहण के काम में जुटी हुई हैं। मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भी तकरीबन 150 मरीज भर्ती थे, जिन्हें अन्यत्र स्थानांतरित करने की कवायद चल रही है।
इस बीच पड़ताल की कार्रवाई में जुटी टीम को वहां कुछ पत्रावलियों और खास दस्तावेजों के गायब होने की बात पता चली है। जबकि, तीन दिनों से वहां प्रशासन और पुलिस की पूरी घेराबंदी है। बावजूद वहां शातिरों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि यहां से कई मरीजों का ब्योरा भी गायब है। इसके साथ ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजे गए कई पत्र भी रिकार्ड में नहीं मिल रहे हैं।
यही नहीं छात्रों को विभिन्न शुल्क लेकर दी जाने वाली रसीदों की दूसरी प्रतियां भी गायब हैं। सूत्रों के मुताबिक कई सीरियल नंबर की दफ्तर से रसीद बुक भी गायब हैं। हालांकि, इस मामले में कोई अधिकारी बयान देने को तैयार नहीं है। जबकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई शिकायत आती है तो इसकी जांच की जाएगी।
सर्वोच्च न्यायालय की फाइल ले जाने का प्रयास
शनिवार को एक अज्ञात व्यक्ति ने कुछ दस्तावेज गायब करने की कोशिश की थी। इसकी भनक जब पुलिस को लगी तो उन्होंने मेडिकल टीम से इसकी जानकारी मांगी। एसओ प्रेमनगर दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि यह फाइल सर्वोच्च न्यायालय से संबंधित थी। मेडिकल टीम से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे गैर जरूरी बताया। इस पर व्यक्ति को छोड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यहां आने जोन वाले और मेडिकल कॉलेज के अंदर से बाहर किसी भी वस्तु या कागजात आदि आने पर प्रतिबंध है।