श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि से प्राइवेट परीक्षा करने वालों की भीड़ और कॉलेजों की बेरुखी से अब विश्वविद्यालय प्रशासन मुश्किल में है। दरअसल, ऑनलाइन आवेदन में वेबसाइट पर जिन कालेजों को बतौर परीक्षा केंद्र चिन्हित किया है, उनमें से कई कॉलेज छात्रों के आवेदन पत्र जमा नहीं कर रहे हैं। विवि प्रशासन परेशान है कि वह नए परीक्षा केंद्र कैसे बनाए?
श्रीदेव सुमन विवि की प्राइवेट परीक्षाओं की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चल रही है। बीए, बीकॉम, एमए, एमकॉम प्रथम वर्ष के साथ ही द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए भी ऑनलाइन आवेदन चल रहे हैं।
विवि से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक 60 हजार से अधिक छात्रों के परीक्षा फॉर्म भरे जा चुके हैं। सिलसिला अभी जारी है।
छात्रों की संख्या बढ़कर 80 हजार तक पहुंच सकती है। इस बीच वेबसाइट पर दिए गए कई कॉलेज ऐसे सामने आए हैं जो कि छात्रों के प्राइवेट फॉर्म जमा नहीं करा रहे हैं।
नए कॉलेजों से संपर्क करने का किया जा रहा प्रयास
बोर्ड कॉपियों की जांच
- फोटो : demo pic
छात्र ऑनलाइन आवेदन करने के बाद जब यहां अपने कागजात जमा कराने जा रहे हैं तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके पीछे वजह यह है कि यह कॉलेज गढ़वाल विवि से संबद्ध हैं। श्रीदेव सुमन विवि अनुरोध के आधार पर यहां अपनी परीक्षाएं कराता है, लिहाजा यह श्रीदेव सुमन विवि के ज्यादा दबाव में नहीं आते।
इससे छात्रों को डर है कि कहीं ऐसा न हो कि वह फॉर्म भरने के बाद परीक्षा देने जाएं और उन्हें परीक्षा केंद्र ही न मिले। उधर, विवि के कुलपति डा. यूएस रावत ने इस बात पर चिंता जताते हुए कहा कि वह कुछ और नए कॉलेजों से संपर्क कर रहे हैं। लेकिन जिन क्षेत्रों में चुनिंदा कॉलेज हैं, वहां उनके लिए मुसीबत है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट परीक्षा फॉर्म भरने वाले हर छात्र की समस्या का निदान किया जाएगा।
गत वर्ष कैंप कार्यालय में जमा हुए थे फॉर्म
गत वर्ष भी प्राइवेट परीक्षाओं की मारामारी और राजधानी में सभी केंद्रों पर सीटें फुल होने के बाद तत्काल व्यवस्था के तौर पर श्रीदेव सुमन विवि ने दून विवि स्थित अपने कैंप कार्यालय में फॉर्म जमा कराए थे। इस साल चूंकि ऑनलाइन प्रक्रिया है, लिहाजा अभी विकल्प बनाने में कुछ देर लग सकती है।