दिल्ली के बाद अब उत्तराखंड में भी पब्लिक स्कूलों पर नकेल कसने की तैयारी है। स्कूल बगैर अनुमति के फीस नहीं बढ़ा सकेंगे।
यह भी तय होगा कि किस क्लास में कितनी फीस होगी। खास बात यह है कि फीस स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार होगी। इसके लिए प्रदेश में जल्द अधिसूचना जारी हो सकती है। शिक्षा सचिव डी सेंथिल पांडियन ने कहा कि इसके लिए तैयार ड्राफ्ट को जल्द अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
प्रदेश में पब्लिक स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान हैं। कहीं, स्कूल परिसर में ही किताबें, कापियां और स्कूल ड्रेस बेची जा रही है तो कहीं अभिभावकों को किसी खास दुकान से खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है।
इसके अलावा मासिक शुल्क के साथ अतिरिक्त कैपिटेशन फीस की भी शिकायतें मिल रही हैं। लेकिन अब शासन पब्लिक स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने की तैयारी में हैं। इसके लिए ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। जिसकी अधिसूचना जारी होने के बाद पब्लिक स्कूल सरकार की अनुमति के बगैर फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे।