यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की एक चिट्ठी ने पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) प्रशासन के सामने दिक्कत खड़ी कर दी है। यूजीसी ने 2013 और 2014 के बीच कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैश) के तहत प्रमोशन किए जाने के मामले में सवाल खड़ा किया है।
यूजीसी ने पीयू को पूरे मामले में रिव्यू करने के निर्देश दिए हैं और मामले की रिपोर्ट मांगी है। इस मामले पर आगामी एक मई को होने वाली सिंडीकेट की बैठक में भी प्रस्ताव रखा जाएगा। इस फैसले से प्रमोशन पाने वाले करीब 50-60 प्रोफेसर की प्रमोशन का मामला लटक सकता है। पूटा ने पूरे मामले में एक चिट्ठी भी सोमवार को जारी की है।
जानकारी के अनुसार छह अप्रैल को यूजीसी में अंडर सचिव सतीश कुमार की ओर से पीयू को एक चिट्ठी जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि यूटी प्रशासन के ऑडिट विभाग ने कैश प्रमोशन पर सवाल उठाए हैं। अंडर सेक्रेटरी की ओर से कहा गया है कि प्रमोशन मामले में किसी भी तरह से नियमों की अनदेखी होने पर पीयू को यूजीसी से मिलने वाली ग्रांट भी बंद होसकती है। पूरे मामले में पीयू से नए सिरे से रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। यूजीसी की चिट्ठी से प्रमोशन पाने वाले प्रोफेसर भी सकते में हैं।