चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में वीरवार दोपहर स्टूडेंट सेंटर पर एक छात्र की बेल्ट से मारपीट मामले में पीयू प्रशासन ने आरोपी छात्र की पहचान कर ली है। छात्र आउटसाइडर निकला है। जिसकी पहचान विनोद दहिया के तौर पर हुई है। छात्र ने पीयू के कई विभागों में दाखिले के लिए आवेदन किया हुआ है। अनुशासन कमेटी ने इस छात्र को पीयू के किसी भी कोर्स में दाखिला नहीं लेने का फैसला लिया है। साथ ही कार्रवाई के लिए पुलिस को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
वीरवार को स्टूडेंट सेंटर पर अजय कुंडू छात्र पर कई छात्रों ने हमला कर दिया। अजय को बेल्ट से सरेआम स्टूडेंट सेंटर पर पीटा गया। घटना के बाद सभी आरोपी छात्र फरार हो गए। पीयू प्रशासन ने इस घटना में शामिल अन्य आउटसाइडर को भी पकड़ने की कोशिश शुरु कर दी है।
शुक्रवार को पीयू अनुशासन कमेटी के चेयरमैन,चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर, डीएसएसडब्ल्यू की कमेटी ने पूरे मामले में मीटिंग बुलाई। मामले में कमेटी के सामने घटना के समय की दो वीडियो उपलब्ध हो गई। जांच कमेटी के एक सदस्य के अनुसार एक वीडियो में विनोद दहिया नाम का लड़का बेल्ट से अजय को सरेआम पीटते हुए दिख रहा है। लेकिन बाकी चार पांच स्टूडेंट की पहचान नहीं हो सकी। दूसरी वीडियो में मारपिटाई करने वाले अन्य स्टूडेंट की धुंधली तस्वीर दिख रही है। कमेटी ने वीडियो को वीडियो एक्सपर्ट के पास भेजा है।
हॉस्टल अलॉटमेंट होगी रद्द
पीयू प्रशासन ने कैंपस में हिंसक घटनाओं में किसी भी तरह से शामिल स्टूडेंट का तुरंत हॉस्टल रद्द करने का फैसला लिया है। साथ ही अब आउटसाइडर पर रोक के लिए हॉस्टल वार्डन प्रतिदिन रात को चैकिंग करेंगे। पीयू प्रशासन आउटसाइडर रखने वालों पर भारी फाइन भी लगाने पर विचार कर रहा है।
पीयू छात्र नेताओं की आज होगी सेक्टर-17 थाने में पेशी
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में हिंसक घटनाओं के बाद पीयू प्रशासन ने पुलिस को कार्रवाई के लिए लिखा है। जानकारी अनुसार तीन दिन में दो मारपिटाई की घटनाओं के बाद पुलिस भी सख्त हो गई है। जानकारी अनुसार सेक्टर-17 पुलिस स्टेशन में पीयू के सभी छात्र संगठनों से दो नेताओं को डीएसपी सेंट्रल के सामने पेश होना होगा। इस संबंध में छात्र नेताओं को फोन पर शुक्रवार जानकारी दे दी गई।
पीयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर डॉ.जितेंद्र ग्रोवर के अनुसार, वीरवार पीयू स्टूडेंट सेंटर पर मारपिटाई करने वाले स्टूडेंट की पहचान हो गई है। स्टूडेंट ने 4-5 विभागों में दाखिले के लिए आवेदन किया था। कमेटी ने छात्र को पीयू में दाखिला नहीं देने का फैसला लिया है।