देश के नौ आईआईटी कैंपस में चल रहे निजी स्कूलों को बंद कर नियमानुसार केंद्रीय विद्यालय खोलने के निर्देश दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किए हैं। आईआईटी मंडी के पूर्व कर्मचारी सुजीत स्वामी और आईआईटी गुवाहाटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बृजेश रॉय की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने यह संज्ञान लिया है।
13 नवंबर को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सी. हरिशंकर ने 28 जुलाई, 2016 को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी उस सर्कुलर को आधार मानते हुए यह संज्ञान लिया, जिसके तहत आईआईटी संस्थानों में सिर्फ केंद्रीय विद्यालयों का ही संचालन हो सकता है। पहली ही सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश ने मंत्रालय को अपने इस सर्कुलर का सही ढंग से पालन करवाने के निर्देश दिए।
बता दें कि इन दोनों याचिकाकर्ताओं ने देश के नौ आईआईटी संस्थानों में चल रहे निजी स्कूलों को लेकर 30 अक्तूबर, 2019 को दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। इसमें आईआईटी मंडी और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भी पार्टी बनाया गया था। आईआईटी मंडी के कैंपस में भी एक प्राइवेट स्कूल का संचालन हो रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका रजिस्टर सॉलिसिटर डॉ. दिनेश रत्न भारद्वाज के माध्यम से दायर की गई थी।