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एसएमजेएन व चिन्मय में नहीं होगी प्राईवेट परीक्षा

Sun, 06 Mar 2016 05:31 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला,  हरिद्वार
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परीक्षा - फोटो : file photo
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हरिद्वार के तीन कालेजों (एसएमजेएन पीजी कॉलेज, चिन्मय डिग्री कॉलेज और महिला महाविद्यालय सतीकुंड कनखल) में से दो कालेजों (एसएमजेएन और चिन्मय कॉलेज) ने श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय की प्राईवेट परीक्षा करवाने से साफ मना कर दिया है। इससे प्राइवेट फार्म भरने वाले 4500 छात्रों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। महिला महाविद्यालय में केवल कुछ छात्राएं ही परीक्षा दे सकती हैं। ऐसे में अब शहर से प्राईवेट फार्म भरने वाले छात्रों को रुड़की या देहात के परीक्षा केंद्रों को चुनना होगा।
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एक से 19 मार्च तक श्रीदेव सुमन विवि की प्राइवेट परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन फार्म भरे जा रहे हैं। अभी तक मैन्युअल बीए, एमए, बीकॉम और एमकॉम परीक्षाओं के फार्म भरे जाते थे। लेकिन अब ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई है। विवि की साइट पर जाकर छात्र फार्म भर रहे हैं। चालान के जरिए परीक्षा शुल्क बैंक में जमा कराया जा रहा है। एसएमजेएन और चिन्मय डिग्री कालेज प्रत्येक वर्ष श्रीदेव सुमन विवि के परीक्षा केंद्र रहे हैं।

चिन्मय में 1500 और एसएमजेएन में 3000 छात्र परीक्षा में बैठते थे। लेकिन इस बार विवि प्रशासन की ओर से पूछा गया तो चिन्मय डिग्री कालेज के प्राचार्य डा. आलोक कुमार और एसएमजेएन कालेज के प्राचार्य डा. एके घिल्ड़ियाल ने परीक्षा करवाने से साफ मना कर दिया। दोनों प्रधानाचार्यों के मना करने से शहर के साढ़े चार हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं परेशान हैं। अब इन छात्रा-छात्राओं को रुड़की या देहात स्थित कालेजों में परीक्षा देने के लिए जाना होगा।
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जिन छात्र-छात्राओं ने प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षा भी इन कालेजों से दी उन्हें भी परीक्षा अन्य कालेज में देनी होगी। इस बार प्राईवेट फार्म भरने वाली नेहा अग्रवाल, सुमित वालिया, केतन चौहान, सपना भाटिया, नितिन पाल, मनोज, सुदेश, दिनेश कुमार, सोभित सिंह और प्रियंका आदि का कहना है दोनों कालेजों के पूरे स्टाफ को सरकार से वेतन मिलता है। दो प्रिंसिपल इतने बच्चों पर कैसे भारी पड़ सकते हैं। इनकी मनमानी के विरोध में जनप्रतिनिधियों को सरकार से बात करनी चाहिए।

सेमेस्टर सिस्टम लागू होने से महाविद्यालयों में परीक्षाओं का बोझ बढ़ गया है। वर्ष में दो बार परीक्षाएं पहले से ही होती हैं। ऐसे में यदि यह परीक्षा भी होगी तो छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होगी।
- डॉ. एके घिल्ड़ियाल, प्राचार्य एसएमजेएनपीजी कॉलेज

क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि
बच्चों को परेशान नहीं होने देंगे। शहर के छात्रों के हित में यही है कि उनका परीक्षा केंद्र नजदीकी कालेज में ही बनाया जाए। केंद्र बाहर बनाए गए तो खासकर लड़कियों को परेशानी होगी। मैं बच्चों के साथ हूं। इस बारे में कॉलेज प्रबंधन और शासनस्तर पर भी बात की जाएगी और परीक्षा केंद्र यहीं बनवाए जाएंगे। 
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- मदन कौशिक, विधायक शहर हरिद्वार

छात्र-छात्राओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वह कॉलेज प्रबंधन से बात करेंगे। छात्र-छात्राओं की परेशानी का निराकरण कराया जाएगा।
- आदेश चौहान, विधायक, रानीपुर

यह मामला मेेरे संज्ञान में आया है। मैं इस बारे में कॉलेज प्रबंधकों से वार्ता करने के साथ जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री से भी बात करूंगा।
- पुरुषोत्तम शर्मा, ओएसडी मुख्यमंत्री
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