हिमाचल में ऑनलाइन शॉपिंग अब महंगी होगी। राज्य की सीमाओं से सामान के प्रवेश पर चार से पांच फीसदी तक टैक्स लगेगा।
सरकारी स्कूलों में दाखिले का ब्योरा ऑनलाइन करने के लिए गुरुजी को पसीना बहाना पड़ रहा है। आलम यह है कि जिले के किसी भी प्राथमिक और मिडिल स्कूल में इंटरनेट की व्यवस्था तो कोसों दूर कंप्यूटर भी नहीं है। इसके चलते अध्यापक साइबर कैफे में दाखिले का ब्योरा ऑनलाइन अपडेट करा रहे हैं।
एक अप्रैल से सरकारी स्कूलों में प्रवेश उत्सव के तहत पहली से बारहवीं कक्षा तक दाखिलों का ब्योरा ऑनलाइन करने के आदेश शिक्षा निदेशालय ने दिए हुए हैं। सरकार का उद्देश्य फर्जी दाखिला पर अंकुश लगाना है। चालू सत्र में कई जिलों में विभाग को फर्जी दाखिला संबंधी शिकायत मिली थी। इसको ध्यान में रख यह व्यवस्था अपनाई है।
अब स्कूल में जिस विद्यार्थी का दाखिला होगा, उसे पूरी तरह ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। पर, स्कूलों में कंप्यूटर व इंटरनेट की व्यवस्था नहीं होने से ऐसा नहीं किया जा रहा है।
स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट व्यवस्था कराने के लिए पत्र लिखा हुआ है। उच्चाधिकारियों को समस्या के बारे में पिछली बैठक में जानकारी दी गई थी। जल्द ही व्यवस्था होने की उम्मीद है। - रामकुमार फलसवाल, जिला शिक्षा अधिकारी
सरकार स्कूलों के हर कार्य को ऑनलाइन करना चाहती है। लेकिन इसके लिए पहले व्यवस्था करनी चाहिए थी। स्कूलों में कंप्यूटर भी नहीं है। ऐसे में अध्यापक बाजारों में जाकर ऑनलाइन दाखिला कर रहे हैं। इसके लिए कोई बजट भी नहीं है। - राज सिंह, जिला प्रधान, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ