प्रदेश के सबसे पिछड़े जिले मेवात में अब शिक्षा की स्थिति सुधर रही है। इस बात की बानगी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के दसवीं और 12वीं कक्षा के रिजल्ट है। रविवार को जारी दसवीं के रिजल्ट में पिछले वर्ष के मुकाबले 23.87 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के साथ प्रदेश में हमेशा निचले पायदान पर रहने वाला मेवात इस बार 10वें पायदान पर पहुंच गया है। यहां भी लड़कों के मुकाबले लड़कियों का दबदबा रहा।
प्रदेश में भले ही प्राइवेट स्कूलों के रिजल्ट बेहतर रहे, लेकिन मेवात में यह विपरित रहा। मेवात के सरकारी स्कूलों ने बेहतर परिणाम दिए है। मेवात से इस वर्ष 7997 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। जिसमं 3945 विद्यार्थी सफल रहे। 49.33 फीसदी रिजल्ट रहा। जबकि पिछले वर्ष दसवीं का रिजल्ट प्रदेश में सबसे बदतर मेवात का था।
महज 25.46 फीसदी परीक्षार्थी पास हुए थे। वहीं, 18 मई को जारी 12वीं कक्षा के रिजल्ट में 49.91 फीसदी के साथ मेवात ने 15वां स्थान प्राप्त किया है। जबकि वर्ष 2015 में 32.23 फीसदी रिजल्ट के साथ 21वें स्थान पर था।
शिक्षाविदें की मानें तो अब वहां के लोग जागरूक हो रहे हैं। बच्चे पढना चाहते हैं। बुजुर्गों के बाद जो दूसरी पीढ़ी आई है, वो भी अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं। ताकि भविष्य सुधर जाए। शिक्षा के प्रति सरकारी और गैर सरकारी संगठनों की मुहिम भी रंग ला रही है।
रिजल्ट को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश शास्त्री का कहना है कि सीमित शिक्षकों का समुचित इस्तेमाल किया गया है। पिछले वर्ष के खराब रिजल्ट के बार रणनीति बनाई गई थी। पूरे जिले से लेक्चरर को छांटकर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में तैनात किए गए। हर स्कूल में ढाई घंटे का लेक्चर की व्यवस्था की गई।
दिसंबर के अंत में जिला स्तर पर लेक्चरर से प्रश्न पत्र तैयार करवाकर परीक्षा की व्यवस्था की गई थी। हर दिन ढाई घंटे के टेस्ट लिए गए। जिससे उनके लिखने की क्षमता में विकास हुआ। जो अब रिजल्ट के रूप में सामने आ रहा है।
कई विद्यार्थी आए है मेरिट में
नकल के मामले में भी चर्चा में रहने वाले मेवात पर रिजल्ट पर शिक्षाविदें की राय अलग है। शिक्षा अधिकारी कहते हैं कि अब नकल के मामले में बदनाम है। दो वर्षों से इस पर काफी लगाम लगा गया है। नकल से पास हो सकते हैं, मेरिट में स्थान नहीं पाया जा सकता है। इस बार 40 छात्रों ने साइंस में मेरिट में स्थान हासिल किया है। सैंकड़ों विद्यार्थी प्रथम स्थान हासिल किए हैं। जो बिना पढ़ाई संभव नहीं है।