यूपीपीजीएमईई-2016 में सरकारी चिकित्सकों को 30 फीसदी अंक देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में चयनित मेडिकोज ने रविवार शाम को केजीएमयू में मार्च निकाला। अपना भविष्य बचाने को एकजुट मेडिकोज कहना है कि उनकी काउंसलिंग हो चुकी है। एक मई 2016 से नया सत्र शुरू हो गया है।
अब फिर से मेरिट लिस्ट बनाने के आदेश जारी किए गए हैं। इससे जो चिकित्सक चयनित होकर कॉलेजों में प्रवेश ले चुके हैं उनका पूरा कॅरिअर ही दांव पर लग जाएगा।
यूपीपीजीएमईई की दूसरी काउंसलिंग को स्थगित करने की खबर के बाद केजीएमयू के मेडिकोज में आक्रोश फैल गया था। उन्होंने शनिवार को कलाम सेंटर पर हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद रविवार को फिर से मार्च निकालकर अपनी बात उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई।
मेडिकोज का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उनका कॅरिअर तबाह हो गया। कोर्ट के आदेश के हिसाब से उनकी 10 साल की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएस डॉक्टर्स को तीन साल तब ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने की एवज में हर साल के हिसाब से 10 फीसदी अतिरिक्त अंक देने के आदेश दिए हैं।