हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक को एक और पत्र लिखकर प्रदेश में निजी स्कूलों द्वारा किए जा रहे शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक लगाने की मांग की है।
मंच ने प्रधानमंत्री को बताया है कि मंच की ओर से अब तक मुख्यमंत्री मनोहर लाल को 11 पत्र इस विषय पर लिखे जा चुके हैं। मंच के चार पत्रों को तो पीएमओ ऑफिस में आवश्यक कार्यवाही हेतु मुख्य सचिव हरियाणा को भेजा है।
इसके बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा अभिभावकों के हित में कोई कदम नहीं उठाया गया। मंच की ओर से सौंप गए इस ज्ञापन को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने यह माना था कि हरियाणा में निजी स्कूल प्रबंधक सीबीएसई, हुडा व शिक्षा नियमावली 2003 के सभी नियम कानूनों का उलंघन करके छात्र व अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं और उनकी सरकार इसको रोकने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है।
प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे मंच के पत्रों पर उचित कार्यवाहीं कराए और मुख्यमंत्री से मंच प्रतिनिधिमंडल को बातचीत करने के लिए समय दिया जाए।