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छात्र निष्कासन वापसी को लेकर विवि ने अपनाया नरम रुख

Tue, 10 May 2016 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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एचपीयू शिमला
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पिछले 33 दिनों से लगातार चल रहे एसएफआई के क्रमिक अनशन और छात्र मांगों को लेकर किए जा रहे धरने प्रदर्शनों का हल निकालने को सोमवार को विवि प्रशासन ने बैठक बुलाई। बैठक में तीनों छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मनोनयन से निर्वाचित एससीए अध्यक्ष ने भी इसमें भाग लिया। बैठक के दूसरे दौर में देर शाम विवि से सात छात्रों के निष्कासन को वापस लेने पर आम सहमति बन गई है।
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हालांकि विवि प्रशासन मंगलवार को इसका खुलासा करेगा। विवि के इस फैसले से एसएफआई आंदोलन वापस ले सकती है। जिला प्रशासन की ओर से एडीएम जीसी नेगी और एएसपी शिमला भजन नेगी सहित विवि कुलसचिव डा. पंकज ललित, डीएस प्रो. गिरीजा शर्मा सहित  डीएसडब्लू प्रो. संजीव महाजन और अन्य अधिकारी भी इसमें मौजूद रहे।

दोपहर करीब दो बजे से लेकर देर शाम साढ़े सात बजे के बाद तक चली इस बैठक में एसएफआई द्वारा उठाई गई एक एक मांग पर बारी बारी से चरचा हुई। अधिकारिक तौर पर विवि का कोई भी अधिकारी बैठक में लिए किसी फैसले को लेकर स्थिति साफ नहीं कर रहा है।
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बैठक में aमौजूद एसएफआई के राज्य अध्यक्ष विवेक राणा और विवि इकाई अध्यक्ष नोबल ठाकुर ने बताया कि बैठक में मौजूद अधिकारियों ने फीस बढ़ोतरी पर बनी कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, छात्र संघ चुनाव बहाल करने, छात्र निष्कासन को वापस लेने पर कोई भी फैसला लिए जाने पर असमर्थता जताई।

वहीं शिक्षक भर्ती मामलों के कोर्ट के विचाराधीन होने का तर्क दिया। नोबल ने कहा कि प्रशासन ने सिर्फ एक्वागार्ड लगाने, शौचालयों में पानी की व्यवस्था जल्द किए जाने जैसी मांगे जरूर मानी है, मगर आम छात्रों की कक्षाओं, शिक्षकों, फीस जैसी किसी

भी मांग को लेकर कोई फैसला नहीं दिया। बैठक में एबीवीपी इकाई अध्यक्ष गौरव अत्री, राज्य सह सचिव प्रदीप, जबकि एनएसयूआई की ओर से बलविंद्र और एक अन्य छात्र नेता के अलावा मनोनयन से चुनी गई एससीए अध्यक्ष मंजूला भी मौजूद रही।

लिखित में प्रशासन मांगे माने तो स्थगित होगा आंदोलन- एसएफआई की विवि इकाई अध्यक्ष नोबल ठाकुर ने कहा कि प्रशासन ने मंगलवार ग्यारह बजे तक छात्रों की मांगों को लिखित में माने जाने का भरोसा दिया है। यदि प्रशासन लिखित में ऐसा कुछ देता है तो उसे देख कर ही आंदोलन को स्थगित किए जाने पर कोई फैसला लिया जाएगा।

कुलपति नहीं रहे बैठक में मौजूद- छात्र आंदोलन को बंद करवाने, उनकी मांगों पर फैसला लेने को बुलाई इस बैठक में कुलपति मौजूद नहीं थे, जिसके चलते मौके पर मौजूद रहे अधिकारियों को तुरंत फैसला लेने में मुश्किल हुई।

तीनों छात्र संगठनों के साथ सार्थक रही है बातचीत- विवि के कुलसचिव डा. पंकज ललित ने कहा कि तीनों छात्र संगठनों के साथ कई घंटों तक चली बैठक में बातचीत सार्थक रही है, इनमें कुछ मांगे छात्र हितों को देखते हुए मानी भी गई है, आधिकारिक तौर पर मानी गई मांगों का खुलासा मंगलवार तक कर दिया जाएगा। जिससे उम्मीद है कि छात्र संगठन अपने आंदोलन को समाप्त कर देंगे।
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