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बजट पर टिकी निगाहें, बढ़ सकती है छात्रों की स्कॉलरशिप

Tue, 08 Mar 2016 12:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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लाखों स्कूली बच्चों को विधानसभा में पेश होने वाले 19वें बजट में बड़ी राहत मिल सकती है।
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प्रदेश के लाखों स्कूली बच्चों को मंगलवार को विधानसभा में पेश होने वाले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के 19वें बजट में बड़ी राहत मिल सकती है। बीते कई सालों से सूबे में छात्रवृत्ति राशि के नाम पर स्कूली बच्चों से हो रहे मजाक को लेकर इस साल सरकार कुछ गंभीर नजर आई है। दो और चार रुपये की मासिक छात्रवृत्ति को मंगलवार के बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने बढ़ा सकते हैं।
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अमर उजाला ने आठ जनवरी के अंक में शीर्षक ‘बेटियों को हर महीने सिर्फ दो रुपये वजीफा दे रही सरकार’ से खबर प्रकाशित होने के बाद सरकार हरकत मेंआई थी। शिक्षा विभाग से स्कूली बच्चों को दी जा रही विभिन्न छात्रवृत्तियों का ब्यौरा तलब किया था। विभाग से राशि बढ़ाने का प्रस्ताव भी मांगा था। शिक्षा विभाग ने सभी छात्रवृत्ति राशियों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है।

आईआरडीपी स्कॉलरशिप
पहली से पांचवीं कक्षा के आईआरडीपी छात्रों को सरकार 150 रुपये सालाना छात्रवृत्ति राशि देती है। 58 हजार 599 विद्यार्थियों ने साल 2015-16 में इस राशि को प्राप्त किया था। 150 रुपये छात्रवृत्ति राशि को अब 500 रुपये करने का प्रस्ताव है। इसी वर्ग में छठी से आठवीं के लड़कों को अभी 250 रुपये और लड़कियों को 500 रुपये दिए जाते हैं। इसे बढ़ाकर लड़कों के लिए 500 और लड़कियों के लिए 800 रुपये करने का प्रस्ताव है। बीते साल 58 हजार बच्चों को यह छात्रवृत्ति प्राप्त हुई।
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मेधावी छात्रवृत्ति योजना
मेधावी छात्रवृत्ति योजना में छठी से आठवीं के बच्चों को 800 रुपये छात्रवृत्ति दी जाती है। इसे बढ़ाकर छठी के लिए एक हजार रुपये, सातवीं के लिए 1200 रुपये और आठवीं के लिए 1500 रुपये करने का प्रस्ताव है। इसे प्राप्त करने के लिए ब्लॉक स्तर परीक्षा पास करनी पड़ती है। प्रदेश के हर ब्लॉक में छठी कक्षा की परीक्षा ली जाती है। पांचवीं के ग्रेड और प्रतियोगी परीक्षा के आधार पर हर ब्लॉक से दो लड़कों और दो लड़कियों को छात्रवृत्ति दी जाती है। बीते वर्ष 1498 बच्चों को यह छात्रवृत्ति मिली थी।

आर्मी बॉर्डर स्कॉलरशिप
पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले उन सैनिक परिवारों के बच्चों को यह छात्रवृत्ति मिलती है, जिनके पिता देश की सुरक्षा करते हुए लड़ाई में शहीद हुए हो या 50 प्रतिशत से अधिक शारीरिक तौर पर नुकसान हुआ हो। पहली से पांचवीं तक सरकार 150 रुपये और छठी से आठवीं तक लड़कों को 250 रुपये और लड़कियों को 500 रुपये की छात्रवृत्ति सरकार देती है। इस राशि को अब पहली से पांचवीं तक 300 रुपये और छठी से आठवीं तक लड़कों के लिए 500 रुपये और लड़कियों के 800 रुपये करने की तैयारी है।

लाहौल स्पीति पैटर्न स्कीम
लाहौल-स्पीति पैटर्न स्कॉलरशिप स्कीम में जिले के पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों को सालाना 80 रुपये दिए जाते हैं। बीते साल 9500 बच्चों ने यह राशि प्राप्त की। इसके बढ़ाकर 300 रुपये करने का प्रस्ताव है।

गरीब छात्रवृत्ति
पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को सालाना 40 रुपये दिए जाते हैं, जिनके अभिभावकों की सालाना आय 11 हजार रुपये से कम हो। साल 2015-16 में 7186 बच्चों को दस महीने के लिए प्रति माह चार रुपये के हिसाब से 40 रुपये दिए जाते हैं।

गर्ल्स अटेंडेंस
पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली उन लड़कियों को सरकार सालाना 20 रुपये की छात्रवृत्ति देती है, जिनकी कक्षा में हाजिरी 90 प्रतिशत से अधिक हो। इसे बढ़ाकर 300 रुपये का प्रस्ताव शिक्षा विभाग ने सरकार को भेजा है। साल 2015-16 में 34525 छात्राओं ने इस राशि को प्राप्त किया था।
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