नाहन में परीक्षा के बाद अध्यापकों के साथ बातचीत करते छात्र।
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दसवीं के छात्र-छात्राओं का गणित इस बार नहीं गड़बड़ाया। छात्रों और टीचरों की मानें तो इस बार पेपर आसान था। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शनिवार को मैट्रिक का गणित का पेपर लिया। वहीं जमा दो की संगीत विषय की परीक्षा भी हुई। परीक्षा देने के बाद बाहर निकले स्टूडेंट्स के चेहरे खिल रहे थे, क्योंकि गणित का पेपर पिछले वर्षों के मुकाबले में काफी आसान थी। इससे इस बार गणित का परिणाम भी अच्छा आने के कयास लगाए जा रहे हैं।
वहीं गणित के अध्यापकों ने भी प्रश्नपत्र में तीनों सीरीजों में पूछे प्रश्नों को ऐवरेज बताते हुए इसे पहले के वर्षों से आसान बताया। शनिवार को प्रदेश भर के 1766 परीक्षा केंद्रों में दो लाख 24 हजार बच्चों ने मैथ का पेपर दिया, जबकि जमा दो के हजारों बच्चे संगीत विषय की परीक्षा में बैठे। उधर, स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव विनय धीमान ने बताया कि शनिवार को विभिन्न उड़नदस्तों से दूरभाष पर ली गई जानकारी के अनुसार ऊना में चार और सोलन में नकल के तीन मामले पकड़े हैं।
नकल रोकने के अभियान में स्कूल स्टाफ सहित बच्चों के अभिभावकों का भी सहयोग मिल रहा है।10 से 15 प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप हों- अध्यापकों ने अब गणित के प्रश्नपत्र के पैटर्न में बदलाव की भी बात कही है। क्योंकि यह पैटर्न काफी पुराना हो गया है। नए पैटर्न के अनुसार ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछने की वकालत की है। क्योंकि गणित के पेपर में अढ़ाई अंक के प्रश्न में ही परीक्षार्थियों को दो से तीन फार्मूले लगाकर प्रश्न हल करना पड़ता है, जबकि साढ़े तीन और पांच नंबर के प्रश्न भी इसमें पूछे जाते हैं। अध्यापकों की मानें तो प्रश्नपत्र में 10 से 15 प्रश्न एक-एक नंबर के ऑब्जेक्टिव टाइप पूछे जाने चाहिए।