हाईकोर्ट ने भर्ती विज्ञापन दोबारा जारी करने को कहा है।
हाईकोर्ट ने 17 फरवरी 2016 को जारी विज्ञप्ति के तहत चयनित 1200 सहायक अध्यापकों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने शिक्षा विभाग को आदेशित किया है कि वह दोबारा नई विज्ञप्ति जारी कर दो वर्षीय डिप्लोमाधारियों (बीटीसी और डीएलएड) को भी विज्ञापन में आमंत्रित करें।
कई अभ्यर्थियों की अर्जी पर सुनवाई के बाद शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाकर अदालत ने सरकार को बड़ा झटका दिया है।
दायर की गई थी याचिका
अल्मोड़ा निवासी हरीश चंद्र व अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकार की ओर से 17 फरवरी 2016 को जारी उस विज्ञापन चुनौती दी थी, जिसमें दो वर्षीय डिप्लोमाधारी अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया गया था। जबकि वे नियमानुसार प्राथमिक शिक्षक चुने जाने की योग्यता रखते हैं।
याचिका के मुताबिक विज्ञापन में केवल बीएड, टीईटी अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया, जो गलत है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि एनसीटीई के नोटिफिकेशन के मुताबिक दो वर्षीय डिप्लोमा अभ्यर्थी चाहे वे बीटीसी अथवा डीएलएड हों, अध्यापक चुने जाने योग्य हैं तथा उन्हें वरीयता दी जानी चाहिए।
विज्ञापन हुआ निरस्त
पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की अदालत ने संबंधित विज्ञापन को निरस्त करते हुए उसके तहत हुई नियुक्तियों को भी रद्द कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने निदेशक प्राथमिक शिक्षा, देहरादून को आदेशित किया है कि डीएलएड एवं अन्य दो वर्षीय डिप्लोमाधारियों को भी शामिल करते हुए नया विज्ञापन जारी कर योग्य सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करें।