निजी स्कूलों में मनमाने ढंग से की जारी फीस बढ़ोतरी को लेकर दिल्ली सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बीते सप्ताह रोहिणी स्थित डीपीएस स्कूल व अलकनंदा स्थित कालका पब्लिक स्कूल को फीस बढ़ोतरी वापस लिए जाने का आदेश दिए जाने के बाद अब सरकार ने राजेन्द्र नगर स्थित जेडी सालवान स्कूल को बढ़ी हुई फीस लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही अभिभावकों पर स्कूल बस के इस्तेमाल की अनिवार्यता को मना किया गया है। उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने एक बार फिर से साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर चल रहे निजी स्कूल शिक्षा निदेशालय की मंजूरी के बिना फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि पुराने राजेन्द्र नगर स्थित ज्ञान देवी सालवान पब्लिक स्कूल के लगभग 250 अभिभावकों ने उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कर स्कूल के मनमाने ढंग से बढ़ाई गई फीस बढ़ोतरी की शिकायत की थी। इन सब शिकायतों को देखने के बाद पाया गया कि स्कूल दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम 1973 के प्रावधानों व शिक्षा निदेशालय के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। ऐसे में शुक्रवार को शिक्षा निदेशक सौम्या गुप्ता की ओर से एक आदेश जारी किया गया। आदेश में साफ कर दिया गया है कि स्कूल को इस सत्र में बढ़ाई गई फीस अभिभावकों को लौटानी होगी।
स्कूल को आदेश दिया गया है कि वह अभिभावकों पर स्कूल परिसर में चल रही दुकान व किसी खास पुस्तक विक्रेता से किताबें, कॉपी खरीदने का दबाव नहीं बना सकता है। आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि स्कूल किताबें, वर्दी के नाम पर गरीब वर्ग के अभिभावकों से किसी प्रकार की राशि नहीं लेगा। यदि लेट फीस के लिए फाइन लेना पड़े तो वह दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट एंड रूल्स 1973 के नियम 166 के आधार पर लिया जाए। स्कूल मिड-डे मील की अनिवार्यता नहीं कर सकता और ना ही पैसे वसूल सकता है। वहीं पारदर्शिता लाने के लिए स्कूल किसी भी राशि को चेक में ही लेगा।
अभिभावकों की शिकायत
मालूम हो कि अभिभावकों ने शिकायत की थी कि स्कूल बीते साल से पहली से दसवीं कक्षा की फीस में 10 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी करता आ रहा है। वहीं नर्सरी व केजी कक्षा में फीस के अलावा मिड-डे मील के लिए प्रतिमाह 1350 रुपये वसूले जाते हैं। स्कूल ने नर्सरी में वर्ष 2016-17 के लिए वार्षिक शुल्क के नाम पर 46,750 रुपये नकद वसूले हैं। इसके अलावा लेट फीस के नाम पर प्रतिदिन 50 रुपये वसूल रहा है। स्कूल अभिभावकों पर स्कूल बस का इस्तेमाल करने का दबाव बनाता आ रहा है।