गोल्ड फील्ड मेडिकल कालेज में पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस छात्रों को प्रदेश के दूसरे मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करने का रास्ता साफ हो गया है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुमोदन के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद छात्रों ने राहत की सांस ली है।
दो दिन पहले छात्रों ने नई दिल्ली स्थित स्वास्थ्य मंत्रालय पर प्रदर्शन किया था। इस दौरान 150 से ज्यादा छात्रों को हिरासत में लिया गया था। दरअसल, गोल्ड फील्ड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में पिछले चार महीने से कक्षाएं नहीं लग रही हैं।
आर्थिक संकट का हवाला दे कॉलेज मैनेजमेंट ने हाथ खड़े कर दिए हैं। भविष्य खराब होता देख छात्रों ने स्थानीय प्रशासन से लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री मनोहरलाल से गुहार लगाई। कई बार धरना प्रदर्शन भी किया। पिछले दिनों छात्रों ने पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय पर भी प्रदर्शन किया।
सरकार के आदेश पर कुलपति ने मेवात, खानपुर, अग्रोहा और रोहतक मेडिकल कॉलेजों को चिह्नित करके शिफ्टिंग का प्रस्ताव मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के पास भेजा था। शुक्रवार को एमआईसी के अनुमोदन के बाद स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने छात्रों को दूसरे मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करने की मंजूरी दे दी।
मंत्रालय ने छात्रों को प्रदेश में चार सरकारी और दो निजी कॉलेजों में शिफ्ट करने की अनुमति दी है। 2014 बैच के करीब 100 छात्र और पुराने बैच से 50-50 छात्र पीजीआई रोहतक, एमएएमसी अग्रोहा, शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज मेवात और बीपीएस खानपुर महिला मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट होंगे।
जबकि मैनेजमेंट कोटे के करीब 150 छात्र एसजीटी गुडग़ांव और एमयू मेडिकल कॉलेज मुलाना में पढ़ाई करेंगे। इस संबंध में मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सके्रटरी को पत्र जारी कर दिया गया है।