पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और एफिलिएटेड 190 कॉलेजों में फीस बढ़ोतरी पर रविवार को 9 घंटे तक चली सीनेट बैठक में मुहर लगा दी है। अब जुलाई 2016 सत्र से सभी संकायों की ट्यूशन फीस में 500 से 1200 रुपये (5 फीसदी) तक फीस बढ़ोतरी हो जाएगी।
पीयू के इस फैसले से करीब 3 लाख स्टूडेंट प्रभावित होंगे। फीस बढ़ोतरी को लेकर सीनेट में सीनेटर डीपीएस रंधावा ने विरोध भी जताया, लेकिन कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने कहा कि यूजीसी फंडिंग पाने के लिए हर साल फीस बढ़ोतरी अनिवार्य है।
पीयू सीनेट ने पीयू कैंपस और सभी एफिलिएटेड कॉलेजों में आगामी सत्र से ग्रामीण और बार्डर एरिया के स्कूलों से 12वीं करने वाले विद्यार्थियों के लिए 2 सीट रिजर्व करने पर मुहर लगा दी है। सीनेटर प्रो. एसएस सांगा के इस प्रस्ताव पर पीयू सीनेट ने करीब एक साल बाद मुहर लगी है।
सीनेट में 2015-16 सत्र के बजट के 67 करोड़ यूजीसी द्वारा जारी नहीं किए जाने को लेकर भी सीनेट में काफी हंगामा हुआ। कुलपति ने राशि जल्द आने का आश्वासन दिया।
पीयू स्कॉलरशिप की राशि बढ़ाएगा: कुलपति ने सीनेट को बताया कि फीस बढ़ोतरी से 1 से 1.5 करोड़ अतिरिक्त आय होगी। उन्होंने कहा कि गरीब और जरुरतमंद विद्यार्थियों पर ही यह पैसा खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्कॉलरशिप की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस स्कॉलरशिप के लिए सालाना आय की अनिवार्यता को 1.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया जाएगा। विद्यार्थियों को कैश अवार्ड में बड़ा इजाफा किया जाएगा।
प्रो. वीके चोपड़ा का मामला फिर सिंडीकेट में : पीयू के इवनिंग विभाग के प्रोफेसर वीके चोपड़ा को तीसरी बार री-इंप्लाइमेंट न दिए जाने का मामला भी सीनेट में लाया गया। मामले को लेकर सीनेट में करीब डेढ़ घंटे तक जमकर बहस हुई। इस मामले में पीयू कुलपति ने प्रो. चोपड़ा के खिलाफ आरोपों पर अपना पक्ष रखा।
सीनेटर अशोक गोयल ने प्रो. चोपड़ा के मामले में पीयू प्रशासन द्वारा भेदभाव किए जाने और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को दोबारा सिंडीकेट में लाने की मांग की। पीयू के पूर्व कुलपति और सीनेटर प्रो.आरपी भांभा के कहने पर मामले को अप्रैल में होने वाली सिंडीकेट में लाया जाएगा। सीनेट में पीयू के म्यूजिक विभाग की महिला प्रोफेसर डॉ.नीलम पाल के खिलाफ कार्रवाई का मामला भी उठा। प्रो. नीलम पर प्रमोशन के समय गलत जानकारी देने का आरोप है।