इग्नू ने एक बड़ी पहल करते हुए पहली बार जेल में परीक्षा का आयोजन किया, जिसमें सभी परीक्षार्थी अव्वल रहे। इंदिरा गांधी ओपन विश्वविद्यालय ने रोहतक की सुनारिया जेल में बीपीपी की परीक्षाएं आयोजित की। इस परीक्षा में मात्र 12 कैदियों ने भाग लिया।
जेल अधीक्षक दयानंद मंडोला ने बताया कि बेचलर्स प्रीपीरेट्री प्रोग्राम (बीपीपी) की पहली बार जेल में परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 12 बंदियों ने यह परीक्षा दी और 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर सभी परीक्षार्थी पास हुए।
उन्होंने बताया कि इन कैदियों को इग्नू सेंटर के कोर्डिनेटर डॉ. प्रेम प्रकाश द्वारा जेल के अंदर शिक्षा दी गई। जेल अधीक्षक का कहना है कि जेल का यह स्टडी सेंटर इग्नू के करनाल रीजनल सेंटर के अधीन आता है जिसके डायरेक्टर अशोक शर्मा बंदियों को शिक्षित करने के लिए काफी जागरूक हैं।