दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2016-17 के अंतर्गत प्रोफेशनल कोर्स के लिए इस बार एक समान नीति लागू होने जा रही है। अब तक बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडी (बीएमएस) और बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन फाइनेंशियल इनवेस्टमेंट एनालिसिस बीबीए (एएफआई) में ही दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा, समूह चर्चा व साक्षात्कार शामिल था।
लेकिन इस बार बीए ऑनर्स बिजनेस इकोनॉमिक्स (बीबीई) में भी साक्षात्कार व समूह चर्चा को अनिवार्य किया जा रहा है। इस तरह से तीनों ही कोर्सेज में एक समान दाखिला प्रक्रिया से दाखिले होंगे। दो स्तरीय दाखिला प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही दाखिला पक्का होगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय में इन तीनों प्रोफेशनल कोर्सेज की दाखिला प्रक्रिया स्नातक स्तर पर उपलब्ध अन्य कोर्सेज की दाखिला प्रक्रिया से अलग वह पहले शुरू होगी। इन कोर्सेज में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आगामी पांच मई को शुरू होने की संभावना है। जबकि प्रवेश परीक्षा ज्वाइंट एंट्रेस टेस्ट (जैट) का आयोजन पांच जून को हो सकता है।
इस बार कोर्सेज की प्रक्रिया के लिए रामानुजम कॉलेज को कोर्डिनेटिंग कॉलेज बनाया गया है। सूत्र बताते हैं कि आवेदन प्रक्रिया, दाखिला नीति को लेकर काफी बातों पर चर्चा हो चुकी है। अब इनके लिए मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया को शुरू करने का रास्ता साफ होगा।
दो स्तर की होगी चयन प्रक्रिया
इस बार तीनों कोर्सेज में दाखिले के लिए चयन दो स्तर पर किया जाएगा। पहले स्तर में प्रवेश परीक्षा व 12वीं के अंकों को रखा जाएगा। प्रवेश परीक्षा में आए अंकों व 12वीं के अंकों के आधार पर एक मेरिट तैयार की जाएगी। उसके बाद दूसरे स्तर में मेरिट के आधार पर छात्रों को समूह चर्चा व साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।
इसके बाद फिर से एक कॉमन मेरिट तैयार होगी। इसमें 45 फीसदी प्रवेश परीक्षा के अंक, 40 फीसदी 12वीं के अंक व 7.5-7.5 फीसदी समूह चर्चा व साक्षात्कार के अंक शामिल किए जाएंगे। इस मेरिट के आधार पर छात्र का दाखिला संभव होगा।
कोर्सेज में सीटें
इन कोर्सेज के लिए लगभग 900 सीटें हैं। डीयू के दस कॉलेज में बीबीई कोर्स उपलब्ध है। ऐसे में इसमें पांच सौ सीटें होंगी। बीएमएस छह कॉलेजों में उपलब्ध है, इसके लिए 300 सीटें, व केवल शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज में चलने वाले बीबीए (एफआईए) के लिए 90 सीटें होगी।