दिल्ली विश्वविद्यालय में कॉलेजों ने क्या घोषणा की है, क्या कार्यक्रम करा रहे हैं, या स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम कब और कैसे किया है, इस पर डीयू व एमएचआरडी की नजर रहेगी। दरअसल डीयू कंप्यूटर सेंटर ने कॉलेजों को एक सकुर्लर भेजा है। जिसमें कॉलेज प्रिंसिपलों को सभी प्रकार की जानकारी एक फॉर्मेट में भर कर भेजने को कहा गया है। यह जानकारी डीयू के साथ-साथ हर महीने रिपोर्ट के रुप में एमएचआरडी को भी भेजनी होगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय एकेडमिक काउंसिल सदस्य प्रो हंसराज सुमन ने बताया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी कम्प्यूटर सेंटर के डायरेक्टर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध कॉलेजों के प्रिंसिपल/प्रशासनिक केंद्रों को एक सर्कुलर भेजा है। सर्कुलर के साथ एक फॉर्मेट भी दिया गया है। जिसमें कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि कॉलेजों में होने वाली गतिविधियों की जानकारी फॉर्मेट में मांगी गई सूचनाओं के अनुसार एमएचआरडी को भी भेजनी होगी।
कॉलेजों को भेजे गए सर्कुलर के अनुसार एमएचआरडी के उप सचिव ने पत्र लिखकर निर्देश दिए गए हैं कि वे इस संदर्भ में वेबसाइट पर सूचनार्थ अपलोड करें। जो जानकारी मांगी गई है, उनमें सभी घोषणाएं, कार्यक्रम-वर्कशॉप/सेमिनार, मल्टीमीडिया, स्कॉलरशिप/फेलोशिप/ग्रांट, स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम, सक्सेस स्टोरीज, रिक्त पदों की जानकारी शामिल है।
प्रो. सुमन का कहना है कि कॉलेजों में होने वाली गतिविधियों की जानकारी और सूचनाएं एमएचआरडी द्वारा मांगना सीधे तौर पर कॉलेजों की गतिविधियों पर हस्तक्षेप करना है । साथ ही जो फॉर्मेट दिया गया है उसे भरकर डीयू व एमएचआरडी की वेबसाइट पर डालना होगा ।इसके अलावा महीने भर होने वाले कार्यक्रमों की सूचना फॉर्मेट के अनुसार भेजनी होगी । सर्कुलर के अनुसार यदि जानकारी से संबंधित सूचनाएं डीयू की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जा चुकी है तो भी एमएचआरडी की वेबसाइट पर तुरंत कॉलेजों की कार्यवाही को अपलोड करने की बात कही गई है।
सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि विषय की त्वरिता के कारण सबसे पहले एमएचआरडी की वेबसाइट पर पहले अपलोड किया जाए ना कि डीयू की वेबसाइट पर। डीयू को कहा गया है कि हार्ड कॉपी विभागाध्यक्ष/प्रिंसिपल हस्ताक्षर करके हर महीने सभी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराएं।