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जेएनयू मामला : कोर्ट ने छात्रों के निलंबन व जुर्माने के फैसले पर लगाई रोक

Sat, 14 May 2016 02:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • भूख हड़ताल खत्म करने के आश्वासन पर हाईकोर्ट का फैसला
  • आदेश के उल्लंघन पर फैसला निष्प्रभावी होगा
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भूख हड़ताल पर बैठा कन्हैया कुमार व अन्‍य छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाईकोर्ट ने जेएनयू प्रबंधन द्वारा छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार सहित अन्य छात्रों के निलंबन व जुर्माने पर सशर्त रोक लगा दी। छात्रों द्वारा भूख हड़ताल खत्म करने के आश्वासन के बाद कोर्ट ने यह निर्णय लिया। अब छात्र जेएनयू अथॉरिटी के पास अपील करेंगे। न्यायमूर्ति मनमोहन ने अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया कि छात्र तुरंत प्रभाव से अपनी भूख हड़ताल खत्म करेंगे और वे किसी भी प्रकार से धरना या प्रदर्शन नहीं करेंगे।
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अदालत ने छात्रों के अधिवक्ता के उस तर्क को खारिज कर दिया कि प्रदर्शन आदि पर रोक न लगाई जाए और यह सभी का मौलिक अधिकार है। अदालत ने कहा कि मामले का हल शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाना चाहिए, यदि ऐसा नहीं हुआ तो यह अंतरिम आदेश निष्प्रभावी रहेगा। अदालत ने कहा कि वे छात्रों को संरक्षण सशर्त दे रहे हैं।

अदालत ने कहा कि कन्हैया छात्र संघ का अध्यक्ष है और उसकी जिम्मेदारी है कि कैंपस का माहौल ठीक बनाने का प्रयास करे। कन्हैया व अन्य के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किलों को बिना मौका दिए जेएनयू उपकुलपति ने निलंबन व जुर्माने का निर्णय दिया था और वही अब उनकी अपील पर फैसला देंगे। उन्होंने कहा कि स्पष्ट है कि नतीजा वही रहेगा।
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अदालत ने कहा कि यदि उपकुलपति का निर्णय आपके मुवक्किलों के खिलाफ रहता है तो वे पुन: दो सप्ताह में अदालत आने के लिए स्वतंत्र हैं और इस दौरान किसी भी फैसले पर रोक रहेगी। अदालत ने जेएनयू को भी कहा कि याची छात्र है और वे सहानुभूति पूर्वक इस मसले पर फैसला ले। इससे पूर्व अदालत ने कहा कि छात्र हड़ताल वापस ले लें, यदि वे ऐसा करते हैं तो उनकी याचिका पर तुरंत सुनवाई को तैयार हैं।

छात्रों के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल भूख हड़ताल वापस लेने को तैयार हैं, लेकिन जेएनयू प्रशासन उनके मुवक्किलों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न करे। वहीं जेएनयू प्रशासन भी इस मुद्दे पर सहमत हो गया। कन्हैया के अलावा अश्वती ए नैर, एश्वर्य अधिकारी, कोमल मोहित, चिंटू कुमारी, अश्वेता चक्रवर्ती व दो अन्य छात्रों ने भी देशद्रोह मामले के बाद उन पर कैंपस में प्रवेश व जुर्माने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

इसके पूर्व दो अन्य छात्र उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य ने फैसले को चुनौती दी है। जेएनयू प्रशासन ने इस मामले में जांच के लिए उच्चाधिकार कमेटी बनाई थी और कमेटी की सिफारिशों के आधार पर कुल 21 छात्रों के खिलाफ निलंबन व जुर्माने की कार्रवाई की थी। इसके विरोध में छात्र पिछले करीब 10 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
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जेएनयू में छात्रों की भूख हड़ताल शुक्रवार रात दस बजे खत्म

- फोटो : व‌िवेक न‌िगम
अदालत के आदेश की कापी देखने के बाद लिया फैसला

जेएनयू में पिछले सोलह दिनों से चल रही छात्रों की भूख हड़ताल शुक्रवार रात दस बजे खत्म हो गयी। हाईकोर्ट ने दिन में ही भूख हड़ताल खत्म करने का निर्देश दिया था। लेकिन छात्रों ने आर्डर की काफी देने के बाद इसका फैसला लिया।

उमर खालिद और चिंटू कुमारी के परिजनों ने छात्रों को पानी पिलाकर भूख हड़ताल खत्म करवाई। छात्र 9 फरवरी को देश विरोधी नारेबाजी के मामले में उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर विश्व विद्यालय ने 21 छात्रों पर सजा और जुर्माना लगाया था। इसके खिलाफ छात्र भूख हड़ताल पर थे।
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