बोर्ड आफ प्रोफेशनल एंट्रेंस इग्जामिनेशन (बीओपीईई) की ओर से 14-15 मई को रियासत में कामन एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया जा रहा है। इसमें एमबीबीएस, बीडीएस की परीक्षाओं को छोड़कर अन्य विषयों में इंजीनियरिंग, वेटरनरी, एग्रीकल्चर, आयुर्वेदिक आदि की परीक्षाएं करवाई जा रही हैं। इन परीक्षाओं में 33 हजार उम्मीदवार बैठेंगे।
इस टेस्ट में राज्य के विद्यार्थी ही शामिल होते हैं। परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों में पर्यवेक्षक नियुक्त रहेंगे। इसमें जम्मू के अधिकारियों को श्रीनगर और वहां के अधिकारियों को जम्मू नियुक्त किया गया है।
परीक्षा में मुन्ना भाई जैसे तत्वों की धरपकड़ के लिए राज्य पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और अन्य दूसरी एजेंसियों की सेवाएं ली जा रही हैं। बोर्ड के चेयरमैन जीएच तांत्रे ने बताया कि तय शेड्यूल के तहत ही परीक्षाएं करवाई जा रही हैं।
बोर्ड के अनुसार शनिवार को फिजिक्स और कमेस्ट्री के पेपर आयोजित किए जाएंगे। रविवार को जीवविज्ञान और गणित के पेपर होंगे। परीक्षाओं के लिए राज्य में कुल 54 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसमें जम्मू में 20 और श्रीनगर में 34 केंद्र होंगे। रियासत में नेशनल इलीजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी) के तहत एमबीबीएस और बीडीएस के दाखिले के लिए अलग से बाद में परीक्षाएं होंगी।
इसके लिए सरकार पहले ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुकी है। एमबीबीएस और बीडीएस के लिए एनईईटी का आयोजन बीओपीईई की जगह सीबीएसई करेगा। इन परीक्षाओं में राज्य के कालेजों में स्थानीय कालेजों को ही दाखिला मिलेगा।
एनईईटी से जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों के अधिकार प्रभावित नहीं होंगे। छात्र राजीव शर्मा ने कहा कि निर्धारित सीटों के लिए कामन एंट्रेंस टेस्ट में कांटे की टक्कर रहेगी। ये टेस्ट राज्य के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य तय करता है। इसी टेस्ट में सफल होकर कई ऊंचाइयों को छुआ जाता है।