कॉलेजों को तीस अप्रैल से पहले रूसा सीबीसीएस यूजी कोर्स की प्रैक्टीकल परीक्षाएं करवानी होंगी।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी डिग्री कॉलेजों को तीस अप्रैल से पहले रूसा सीबीसीएस यूजी कोर्स की प्रैक्टीकल परीक्षाएं करवानी होंगी। इसके लिए विवि की ओर से सभी कॉलेज प्राचार्यों को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। कॉलेज की इन इंटरनल परीक्षाओं के लिए अपने स्तर पर अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा शेड्यूल तय करने की छूट दी गई है।
कॉलेजों में कुछ विषयों के सिलेबस को पूरा करने का कार्य भी अंतिम चरणों में चल रहा है तो इस माह के अंतिम सप्ताह में ही अधिकतर विषयों की प्रैक्टीकल परीक्षाएं होनी संभावित हैं। हालांकि सेमेस्टर अंत की इन प्रैक्टीकल में बाहर से एग्जामिनर व एक्सपर्ट नहीं बुलाए जाते, इसके बावजूद कॉलेजों को हर हाल में इस तय समय सीमा के भीतर ही प्रैक्टीकल करवाने होंगे।
ताकि छात्र 3 मई से होने वाली दूसरे, चौथे और छठे सेमेस्टर की परीक्षाओं के लिए तैयारियां कर सकें और परीक्षा दे पाएं। विवि ने पहले ही सेमेस्टर अंत की परीक्षाओं की संभावित डेटशीट जारी कर दी है, जिसमें कॉलेज प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों से सुझाव और परीक्षा डेट क्लैश करने को लेकर आपत्तियां मांगी हैं। इसे भी जल्द ही विवि फाइनल करने जा रहा है।
रूसा सीबीसीएस के नए सिस्टम में 2013 में बैठे पहले बैच की जून माह में पूरी होने वाली डिग्री के मद्देनजर विवि प्रशासन ने सभी कॉलेजों से तीस अप्रैल से पहले प्रैक्टीकल परीक्षाएं करवाने को कहा है। मई माह अंत तक छठे सेमेस्टर की सेमेस्टर अंत की परीक्षाएं पूरी हो जाएंगी। ऐसा करने पर ही जून माह में छठे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित हो सकेगा। उसके बाद ही पीजी कोर्स के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को स्थायी प्रवेश मिल सकेगा और वे काउंसलिंग में हिस्सा ले सकेंगे।
7 मई से शुरू होगी पीजी कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया
विश्वविद्यालय के तय शेड्यूल के मुताबिक सात मई से पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू होनी है। नौ जून से विभिन्न कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षाओं का दौर चलेगा। विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस नेगी ने कॉलेज प्राचार्यों से तीस मई से पहले प्रैक्टीकल परीक्षाएं हर हाल में पूरी करवाने की अपील की है, ताकि छात्र सेमेस्टर अंत की परीक्षाओं में अपीयर हो सकें।