सरकारी स्कूलों में क्लासरूम टीचिंग बेहतर बनाने व सीखने के परिणामों को सुधार के लिए शिक्षा निदेशालय ने तैयारी शुरू कर दी है। निदेशालय ने उपमुख्यमंत्री की मंजूरी से एक स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया है।
चार सदस्यीय यह टास्क फोर्स न केवल पाठ्यक्रम को कम करेगी बल्कि कमेटी की सिफारिशों की समीक्षा करने के साथ प्रत्येक बच्चे के सीखने के स्तर का विश्लेषण भी करेगी। मालूूम हो कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
सरकारी स्कूलों में क्लासरूम टीचिंग को बेहतर बनाया जा रहा है और पुराने तरीकों का विश्लेषण किया जा रहा है। इसी कड़ी में शिक्षा मंत्री की मंजूरी से शिक्षा निदेशक ने एसटीएफ का गठन किया है।
चार सदस्यीय इस कमेटी में आरटीई के क्रियान्वयन के लिए स्टेट एडवायजरी काउंसिल सदस्य शैलेंद्र कुमार शर्मा, अतिरिक्त निदेशक (स्कूल), एससीईआरटी निदेशक, व जिला उपशिक्षा निदेशक (परीक्षा) सविता दराल शामिल हैं।
दरअसल शिक्षा निदेशालय का मानना है कि शिक्षा में प्रयोग करने की जरूरत है। एसटीएफ हर बच्चे के सीखने का विश्लेषण करने के लिए डाटा बेस तैयार कर सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए नवीन शिक्षा पैमाने तैयार करेगी।
वहीं सीखने के परिणामों को परिभाषित करने व केजी से आठवीं तक के पाठ्यक्रम के मौजूदा ढांचे को पुनर्गठित करेगी। मालूम हो कि सरकार बच्चों के बस्तों के बोझ को कम करने के लिए पाठ्यक्रम में कमी का प्रयास भी कर रही है। इसके लिए विभिन्न वर्गों से फीडबैक भी लिया गया है।